हिंदुस्तान में फिलिस्तीनी चर्चा के बीच गाजा में इजरायल का भीषण हमला जारी है. इजरायली सेना हर रोज गाजा के किसी न किसी इलाके में हवाई हमले कर रही है. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मारे जा रहे हैं. पिछले 14 महीने से जंग में 45 हजार से अधिक फिलिस्तीनी इजरायली सैन्य कार्रवाई में मारे जा चुके हैं. वहीं, घायलों की तादाद भी एक लाख के ऊपर है. इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं.
फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़े के मुताबिक इजरायली हमले में अब तक 45 हजार 25 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि एक लाख 9 हजार 62 घायल हुए हैं. मारे गए और घायलों में सबसे ज्यादा संख्या महिलाओं और बच्चों की है. स्वास्थ्य मंत्रालय का ये भी कहना है कि गाजा की 23 लाख की आबादी में से करीब 2 फीसदी आबादी को इजरायल मार चुका है, जबकि 4 फीसदी आबादी घायल है.
बीते दो दिनों में इजरायली सेना ने गाजा में जमकर कहर बरपाया है. रविवार को आईडीएफ के हमलों में कम से कम 53 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. इस हमले में सुरक्षा नागरिक और पत्रकार भी शामिल हैं. जबरदस्त हमले के बाद चारों तरफ चीख-पुकार मच गई. हर तरफ लाशों के ढेर लग गए. जमीन खून से लबरेज हो गया. इसके साथ ही आईडीएफ ने खान यूनिस में विस्थापित परिवारों के आश्रय स्थल को निशाना बनाकर हमला किया.
इस हमले में महिला और बच्चों समेत कम से कम 20 लोग मारे गए, जबकि कई लोग घायल हो गए. सभी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. हमले के बाद एक पीड़ित ने कहा कि हम सभी इस मामले का हल चाहते हैं. अरब देश सहित वो सभी जो ये नरसंहार देखने के बाद भी कोई कदम नहीं उठा रहे हैं, उन्हें ईश्वर देख रहे हैं. इजरायली सेना ने दूसरा बड़ा हमला खान यूनिस के अहमद अबेद अल अजीज स्कूल पर किया.
इसमें कम से कम 16 लोग मारे गए और दर्जनों लोग घायल हो गए. नुसीरत कैंप के हालात भी कुछ अलग नहीं थे. यहां भी इजरायली सेना ने हमला कर कई मासूम लोगों की जान ले ली, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में शरणार्थी शिविर के नागिरक सुरक्षा कर्मी के प्रमुख और पत्रकार भी शामिल रहे. इन पर तब हमला हुआ जब ये लोगों की मदद में लगे हुए थे. गाजा में लगातार सीजफायर की मांग हो रही है.
उधर, सीरिया में उथल-पुथल का फायदा उठाते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कब्जे वाले गोलान हाइट्स इलाक़े के लिए एक नई योजना का एलान किया है. इस नई योजना के तहत गोलान हाइट्स पर रहने वाली इजरायली आबादी को दोगुना किया जाएगा. पिछले हफ्ते सीरिया में बशर अल असद के पतने के बाद इजरायल ने गोलान हाइट्स के बफर जोन पर भी कब्जा कर लिया था. वहां आबादी दोगुनी होगी.
गोलान हाइट्स दक्षिण-पश्चिम सीरिया में एक चट्टानी पठार है. इस पर इजरायल ने 1967 में कब्जा कर लिया था. नेतन्याहू ने नई योजना का ऐलान के साथ-साथ ये भी कहा कि वो सीरिया के साथ संघर्ष नहीं बल्कि शांति चाहते हैं. गोलान हाइट्स में 30 से ज़्यादा इजरायली बस्तियां मौजूद हैं. यहां 20 हज़ार से ज़्यादा लोगों की आबादी है. नेतन्याहू के ऐलान का सीरिया के विद्रोही गुटों और ईरान ने कड़ा विरोध किया है.