इजरायल और फिलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के बीच जंग जारी है और दोनों तरफ से रॉकेट बरसाए जा रहे हैं. हमास के द्वारा किए गए हमले में अब तक इजरायल के 600 लोगों की मौत हो चुकी है जिसके बाद इजरायली सेना लगातार हमास के ठिकानों पर बॉम्बिंग कर रही है. वहीं सीमा पर लड़ाई लड़ रहे इजरायली सैनिकों को एक खास दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है.
भारत में इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इजरायली फोर्सेज को वहां ज्यादा दिक्कत आ रही है जहां फिलस्तीनी आतंकी संगठन हमास महिलाओं और टीनएजर्स को लड़ाई में आगे कर दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि कौन सा हथियार हमारे खिलाफ इस्तेमाल किया जा रहा है वो मुद्दा नहीं है, दिक्कत ये है कि हम मानव आतंकियों से लड़ रहे हैं और वो लड़ाई के दौरान महिलाओं और बच्चों को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं. हम कोशिश कर रहे है कि वहां गाजा पट्टी और फिलस्तीन के कई हिस्सों में निर्दोष लोगों को इस युद्ध का सामना ना करना पड़े.
वहीं युद्ध में किसी अन्य देश की सहायता को लेकर इजरायली राजदूत नाओर गिलोन ने कहा, "इजरायल ने कभी किसी से नहीं कहा कि वह हमारे लिए आएं और लड़ें. हम अपनी लड़ाई खुद लड़ते हैं. हम नहीं चाहते कि दूसरे लोग हमारी लड़ाई लड़ें. यह सच है कि अमेरिकी आपूर्ति में हमारी मदद कर रहे हैं." वो गोला बारूद दे रहे हैं क्योंकि हम एक साथ हथियार निर्माण करते हैं, हम एक साथ विकास करते हैं...हमें लड़ाई में किसी की मदद नहीं चाहिए, हमारे पास ऐसा करने की पूरी क्षमता है..."
भारत से मजबूत समर्थन की उम्मीद: इजरायल
इजरायल के राजदूत नाओर गिलोन ने रविवार को कहा कि उनके देश को भारत से बहुत मजबूत समर्थन की आवश्यकता होगी क्योंकि यह एक प्रभावशाली देश है और आतंकवाद की चुनौती को जानता है. गिलोन ने हमास आतंकियों के हमलों को पूरी तरह से अकारण और अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि इजराइल इस चुनौती से खुद निपटेगा और अपराधियों को दंडित करेगा.
शनिवार से गाजा से हमास आतंकवादियों के हमलों में अब तक 600 से अधिक इजरायली मारे गए और 2,000 से अधिक घायल हो गए. फिलिस्तीनी अधिकारियों ने कहा कि इजरायल के जवाबी हमलों में गाजा पट्टी में लगभग 200 लोग मारे गए हैं.
वहीं युद्ध को लेकर उन्होंने कहा, "यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा कि हमें वो करने की क्षमता दी जाए जो हमें करने की ज़रूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हमास ये अत्याचार जारी ना रख सके."
पीएम मोदी ने बताया था इसे आतंकी हमला
गिलोन ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि दुनिया के सभी देश सबसे पहले सैकड़ों इजरायली नागरिकों, महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों की अकारण हत्या और अपहरण की निंदा करेंगे, यह अस्वीकार्य है." हमास के हमलों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को इजराइल के साथ एकजुटता व्यक्त की थी. मोदी ने इसे ''आतंकवादी हमला'' बताकर इसकी निंदा की थी.