अपने परिसर में बड़े पैमाने पर यहूदी विरोधी प्रदर्शनों की अनुमति देने को आरोपों को लेकर यहूदी छात्रों ने प्रसिद्ध हार्वर्ड विश्वविद्यालय के खिलाफ मुकदमा दायर किया है. बुधवार रात दर्ज की गई एक शिकायत में, छात्रों ने हार्वर्ड पर यहूदी छात्रों को उत्पीड़न से बचाने के लिए अपनी भेदभाव-विरोधी नीतियों को "चुनिंदा" तौर पर लागू करने, सुरक्षा के लिए उनकी दलीलों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया है. इसके अलावा हार्वर्ड पर यहूदी विरोधी हिंसा का समर्थन करने वाले और यहूदी विरोधी प्रचार फैलाने वाले प्रोफेसरों को काम पर रखने का आरोप लगाया है.
शिकायत में कहा गया है, 'अपने ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर, यह समझ से परे है कि क्या हार्वर्ड यहूदियों के अलावा किसी अन्य समूह के खिलाफ इसी तरह के लक्षित दुर्व्यवहार की अनुमति देगा? या यह बिना किसी प्रतिक्रिया के छात्रों और प्रोफेसरों को इज़रायल के अलावा किसी अन्य देश के विनाश का आह्वान करने की अनुमति देगा.'
हार्वर्ड पर गंभीर आरोप
शिकायत में 388 साल पुराने प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय पर भेदभाव को प्रतिबंधित करने वाले संघीय नागरिक अधिकार कानून का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. यह शिकायत हार्वर्ड की अध्यक्ष क्लॉडाइन गे के इस्तीफा देने के आठ दिन बाद दायर की गई है. गे पर यहूदियों के विरोध में प्रतिक्रिया देने का आरोप है जिसके लिए वह आलोचना का शिकार हो रही थीं, इसके अलावा उन पर साहित्यिक चोरी के आरोप भी लगे थे.
हार्वर्ड ने खुद पर लगे आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. दरअसल गाजा में इजरायल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से दुनिया भर के शैक्षणिक संस्थान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध के अधिकार को लेकर विवादों में घिर गए हैं. न्यूयॉर्क विश्वविद्यालय और कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, बार्कले सहित अन्य कॉलेजों को भी इसी तरह के मुकदमों का सामना करना पड़ा है. हार्वर्ड मुकदमे में वादी में अलेक्जेंडर केस्टेनबाम, हार्वर्ड डिवाइनिटी स्कूल में मास्टर डिग्री के छात्र हैं.
हमास के प्रति नरमी के आरोप
हार्वर्ड में 30 से अधिक छात्र समूहों ने हमास के 7 अक्टूबर के हमले के अगले दिन एक याचिका पर हस्ताक्षर किए, जिसमें इजरायल को दोषी ठहराया गया था. छात्रों ने अपनी शिकायत में कहा है कि यहूदी विरोधी प्रदर्शनों को लेकर जब कॉलेज प्रशासन से शिकायत की गई तो उसने जवाब देने में एक दिन का समय लिया और अपमानजनक बातें कहीं, लेकिन न तो याचिका की निंदा की और न ही यहूदी छात्रों के लिए समर्थन दिया. शिकायत में कहा गया, "अमेरिका का अग्रणी विश्वविद्यालय हार्वर्ड बड़े पैमाने पर यहूदी विरोधी नफरत और उत्पीड़न का गढ़ बन गया है.