सोमवार को पिछले एक हफ्ते के भीतर इजरायल पर दूसरा सबसे बड़ा हमला हुआ है. इस बार लेबनान से हिज्बुल्लाह ने कम से कम 135 'फादी-1' मिसाइल इजरायल के हाइफा क्षेत्र में दागे हैं. हाइफा इजराइल का तीसरा सबसे बड़ा शहर है. इस हमले में 10 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. इन हमलों के बाद अफरा-तफरा मच गई. लगातार सायरन बजते रहे. इस दौरान लोग बम शेल्टरों में छिपते देखे गए.
हिज्बुल्लाह ने दावा किया कि सोमवार की शाम करीब 5 बजे उसने इजरायल के तीसरे सबसे बड़े शहर हाइफा पर रॉकेट और मिसाइल से हमले किए हैं. हिज्बुल्लाह ने पहली बार 'फादी-1' मिसाइल का इस्तेमाल किया है, जिससे हाईफा में बड़ा नुकसान हुआ है. इजरायली सेना 7 अक्टूबर 2023 को हुए नरसंहार की पहली बरसी मना रही है. इसी बीच हिज्बुल्लाह के ताबड़तोड़ हमलों से इजरायली शहर दहल उठा है.
हिज्बुल्लाह के पास मौजूद 'फादी' मिसाइल को बहुत घातक माना जाता है. इसकी मारक क्षमता 80 किमी तक है. इसको मोबाइल प्लेटफॉर्म से भी लॉन्च किया जा सकता है. ये 83 किलोग्राम के वारहेड से लैस है, जो किसी भी तरह के टारगेट को ध्वस्त करने की क्षमता रखता है. इसकी मारक क्षमता ही इसकी सबसे बड़ी खासियत है. यही वजह है कि ये इजरायल के आयरन डोम को भेदते हुए अंदर घुस जाती है.
इजरायली पुलिस ने भी पुष्टि की है कि हाइफा पर रॉकेट दागे गए हैं. यहां एक प्रमुख बंदरगाह भी है. इजरायली सेना ने कहा कि लेबनान से हाइफा पर पांच रॉकेट दागे गए, लेकिन उनको इंटरसेप्ट कर लिया गया. इस इलाके में गिरे प्रोजेक्टाइल की पहचान कर ली गई है. इसकी समीक्षा की जा रही है. इजरायल के उत्तरी गैलिली क्षेत्र के तिबेरियास पर भी 15 रॉकेट दागे गए, जिनमें से कुछ को मार गिराया गया. लेकिन पांच रॉकेट गिर गए.
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उधर इजरायल का कहना है कि दक्षिण लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर उसका सैन्य ऑपरेशन जारी है. हवाई हमलों के साथ जमीन पर भी उसकी सेना आतंकी संगठन के कमर तोड़ रही है. हालांकि, इन हमलों में दो इजरायली सैनिकों की मौत हो गई. इस तरह हिज्बुल्लाह के साथ जंग में अबतक 11 सैनिकों की जान जा चुकी है. प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पलटवार जरूरी है.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र के शहर बिंट जेबिल में एक नगरपालिका भवन पर इजरायली हवाई हमले में 10 अग्निशामकों की मौत हो गई, जबकी बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. रविवार को हुए हवाई हमलों में दक्षिणी और पूर्वी शहरों में 22 लोग मारे गए. इजरायल डिफेंस फोर्सेस ने भी दावा किया कि उसकी वायु सेना ने बेरूत में हिज्बुल्लाह के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर पर बमबारी की है.
इजरायल डिफेंस फोर्सेज के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल हर्जी हलेवी ने कहा, "7 अक्टूबर को एक साल बीत चुका है, जिस दिन हम इजरायल राज्य के नागरिकों की रक्षा करने के अपने मिशन में विफल रहे थे. 7 अक्टूबर गहन आत्मनिरीक्षण का दिन है. हम हमास के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे. हमने हिज्बुल्लाह को गंभीर झटका दिया है, जिसमें उसके सभी शीर्ष कमांडर मारे गए हैं. हम लड़ते हैं, सीखते हैं और सुधार करते हैं.''
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इससे पहले एक अक्टूबर को हिज्बुल्लाह चीफ हसन नरसल्लाह की मौत के बाद ईरान ने इजरायल पर सबसे बड़ा हमला किया था. बीते मंगलवार रात 10 बजे ईरान ने इजरायल पर अंधाधुंध 180 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर खलबली मचा दी. इजरायल के एक करोड़ से ज्यादा लोगों को बम शेल्टरों में शरण लेनी पड़ी. ईरान ने इन भीषण हमलों के बाद दो टूक शब्दों में कहा था कि उसने हसन नसरल्लाह और इस्माइल हानिया की मौत का बदला लिया है.
ईरान के हमले के दौरान इजरायल में जेरूशलम से लेकर जॉर्डन वैली तक ब्लास्ट की आवाजें सुनाई दी. इजरायली सेना ने कहा कि इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से एक्टिव था. अमेरिका और ब्रिटेन ने भी इजरायल की रक्षा में मुस्तैदी दिखाकर मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया. इन हमलों के बाद जेरूशलम के पास एक सीक्रेट बंकर में नेतन्याहू की अध्यक्षता में सिक्योरिटी कैबिनेट मीटिंग हुई. इस दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी.
बताते चलें कि हमास और इजरायल के बीच जंग को पूरे एक साल हो गए. 7 अक्टूबर का ही वो मनहूस दिन था जिसने ना सिर्फ गज़ा की बल्कि मध्य पूर्व की तस्वीर बदलकर रख दी. गाजा पर शासन करने वाले हमास ने इज़रायल पर बेहद घातक हमला कर पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था. हमास ने कुल 1200 लोगों को मार दिया था, जिसमें इजरायली नागरिक के साथ ही थाईलैंड और अमेरिका के नागरिक भी शामिल थे. हमास के लड़ाकों ने 250 लोगों को बंधक भी बना लिया था.
हमास के हमले के बाद इजरायल ने बदले की कार्रवाई शुरू की जो आजतक जारी है. इज़रायली सेना ने पूरे गाज़ा को आज की तारीख में तबाह कर दिया है. इज़रायली सेना ने ना सिर्फ हमास के लड़ाकों को मारा बल्कि उसकी आड़ लेकर हज़ारों मासूम बच्चों और महिलाओं को मार डाला. फिलिस्तीन के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 7 अक्टूबर के बाद से अबतक इज़रायल 41 हज़ार 870 से ज़ायादा फिलिस्तीनियों को मौत के घाट उतार चुका है. ये आंकड़े हर दिन के साथ बढ़ रहे हैं.
इन हमलों में अबतक 97 हज़ार 166 फिलिस्तीनी ज़ख्मी हैं. यही नहीं इजरायली हमलों की वजह से गाज़ा के 23 लाख आबादी में से ज़्यादातरक लोग बेघर हो चुके हैं. इस एक साल के बीच हमास और इजरायल के बीच दो बार अस्थाई सशर्त युद्धविराम हुए. इस दौरान बंधकों की अदला-बदली की गई. अब भी कई बंधक हमास की कैद में हैं. अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ से भी कई बार बंधकों की रिहाई के लिए युद्धविराम की कोशिश की गई लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है.