लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज्बुल्लाह के नए चीफ को लेकर इजरायल ने बड़ा बयान दिया है. इजरायल के रक्षा मंत्री योआव गैलंट का कहना है कि हिज्बुल्लाह के नए चीफ नईम कासिम टेंपरेरी चीफ हैं.
गैलेंट का कहना है कि कासिम की नियुक्ति अस्थाई तौर पर हुई है और वह ज्यादा देर तक इस पद पर नहीं रह पाएंगे. गैलंट ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि टेंपरेरी नियुक्ति. काउंटडाउन शुरू हो गया है.
इजरायली सरकार का कहना है कि कासिम का कार्यकाल हिज्बुल्लाह के इतिहास में अब तक का सबसे छोटा कार्यकाल साबित होगा. इस संगठन को ख्तम करने के अलावा लेबनान के पास कोई और समाधान नहीं होगा.
बता दें कि एक दिन पहले ही हिज्बुल्लाह ने ऐलान किया कि नईम अंसारी अब से संगठन के नए चीफ होंगे.
नईम कासिम को क्यों चुना गया?
हिज्बुल्लाह ने जारी बयान में कहा कि कासिम को संगठन के सिद्धांतों और उद्देश्यों का पालन करने की उनकी ललक को लेकर चुना गया है. नईम को आमतौर पर हिज्बुल्लाह में नंबर टू नेता के तौर पर जाना जाता रहा है. 1980 के दशक की शुरुआत में हिज्बुल्लाह की स्थापना करने वालों में वह भी शामिल थे.
नसरल्लाह के संभावित उत्तराधिकारी का भी किया था खात्मा
इजरायल ने हसन नसरल्लाह के खात्मे के बाद उनके संभावित उत्तराधिकारी को भी मार गिराया था. इजरायली सेना का कहना है कि बेरूत में तीन हफ्ते पहले हवाई हमले में सैफीद्दीन को मार गिराया गया था. नसरल्लाह के रिश्तेदार सैफीद्दीन को हिज्बुल्लाह की जिहाद काउंसिल ने नियुक्त कियाथा. वह हिज्बुल्लाह के वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की देखरेख कर रहा था. उन्हें नसरल्लाह के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा था.
दम घुटने से हुई थी नसरल्लाह की मौत
हसन नसरल्लाह की मौत जहरीले धुएं की वजह से दम घुटने से हुई थी. वह बेरूत में हिज्बुल्लाह के सीक्रेट बंकर में छिपे हुए थे, जहां 27 सितंबर को इजरायल के हमले में उनकी मौत हो गई. इजरायल के चैनल 12 ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि इजरायली हमले में नसरल्लाह का सीक्रेट बंकर तबाह हो गया था, जिससे 64 साल के नसरल्लाह की जहरीले धुएं में दम घुटने से मौत हो गई.
रिपोर्ट में बताया गया था कि भारी विस्फोट की वजह से जहरीले धुएं के कारण बंकर के भीतर सांस लेना मुश्किल था. बता दें कि हसन नसरल्लाह जिस इमारत में था. उसके आसपास के ब्लॉक में इजरायल ने 80-85 बंकर बस्टर बम गिराए थे. बंकर बस्टर यानी जमीन की गहराई में बने अड्डों को खत्म करने वाले बम. ये सतह के काफी नीचे जाकर भी तबाही मचाते हैं.
नसरल्लाह जिस इमारत में था, वहां पर बम गिरने से 30 फीट गहरा गड्ढा हो गया था. जीबीयू-72 परिवार के बंकर बस्टर बम की खासियत यही होती है, कि ये स्टील, कॉन्क्रीट की मोटी दीवारों को तोड़कर 30 से 60 फीट की गहराई तक हमला कर सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटनास्थल से जब नसरल्लाह का शव बरामद किया गया तो उनके शव पर किसी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं थे