scorecardresearch
 

हिंदू राष्ट्रवाद, खालिस्तानी सबसे बड़ी मुसीबत... ब्रिटिश मंत्रालय की लीक हुई रिपोर्ट

ब्रिटेन की गृह मंत्रालय की एक लीक हुई रिपोर्ट ने "हिंदू राष्ट्रवादी उग्रवाद" और "खालिस्तानी उग्रवाद" को उभरती हुई खतरों की लिस्ट में शामिल किया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, 9 उभरते हुए उग्रवाद के प्रकारों में इन खतरनाक विचारधाराओं को प्राथमिकता दी गई है. यह रिपोर्ट 2024 में गृह विभाग द्वारा गठित एक समिति द्वारा तैयार की गई थी.

Advertisement
X
खालिस्तान समर्थक
खालिस्तान समर्थक

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट लीक हो गई है, जिसमें "हिंदू राष्ट्रवादी उग्रवाद" और "खालिस्तानी उग्रवाद" को देश के लिए उभरता हुआ खतरा बताया गया है. इस रिपोर्ट को मंत्रालय की एक कमेटी ने अगस्त 2024 में तैयार किया था. कमेटी के लीक डॉक्यूमेंट्स में "हिंदू राष्ट्रवादी उग्रवाद" को एक "चरमपंथी विचारधारा" करार दिया गया है. इनके अलावा "खालिस्तानी उग्रवाद" को भी देश के लिए खतरा बताया गया है.

Advertisement

ब्रिटिश मीडिया संस्थान द गार्डियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने पहली बार "हिंदू राष्ट्रवादी उग्रवाद" और हिंदुत्व की विचारधारा को देश के लिए एक खतरा माना है. ब्रिटिश शहर लीसेस्टर में अगस्त 2022 में भारत-पाकिस्तान एशिया कप के बाद एशियाई मूल के ब्रिटिश हिंदू और ब्रिटिश मुस्लिम समुदाय के बीच बड़े स्तर पर हिंसा भड़क गई थी, जिसे रिपोर्ट में एक उदाहरण भी माना गया है.

यह भी पढ़ें: 'ब्रिटेन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद', कंगना की इमरजेंसी फिल्म की स्क्रीनिंग में हंगामे पर बोला विदेश मंत्रालय

ब्रिटेन ने इन 9 कट्टरता को माना देश के लिए खतरा

ब्रिटिश मंत्रालय की रिपोर्ट थिंक-टैंक 'पॉलिसी एक्सचेंज' को हाथ लगी है, जिसने बताया कि रिपोर्ट में 9 तरह के चरमपंथ को ब्रिटेन के लिए खतरा माना गया है. इनमें - इस्लामवादी, हिंदू राष्ट्रवादी उग्रवाद, खालिस्तान समर्थक उग्रवाद, चरम दक्षिणपंथी, वामपंथी और अराजकतावादी जैसी कट्टरता शामिल हैं. इनके अलावा चरम स्त्री-द्वेष, एकल-मुद्दे वाला उग्रवाद और कॉन्सपिरेसी थ्योरी को भी खतरा माना गया है.

Advertisement

खालिस्तान ब्रिटेन के लिए प्रमुख खतरा

रिपोर्ट में खालिस्तानी उग्रवाद को भी प्रमुख खतरे के रूप में बताया गया है.. इसमें कहा गया है कि खालिस्तान समर्थक जब अपने मकसद के लिए हिंसा को बढ़ावा देते हैं, तो यह चिंता का विषय बनता है. खालिस्तानी आंदोलन से जुड़े लोग अक्सर ऐसी बातें फैलाते हैं जो मुस्लिम समुदायों को दानव के रूप में पेश करती हैं और भारत और ब्रिटेन को सिखों के खिलाफ के रूप में पेश किए जाते हैं.

यह भी पढ़ें: 'आतंकवाद को सपोर्ट करने वाले ब्रिटेन में भी सक्रिय', ब्रिटिश सांसद ने कश्मीरी हिंदुओं के 'नरसंहार' पर पेश किया प्रस्ताव

"न तो मौजूदा नीति है और ना ही नई नीति है"- ब्रिटिश मंत्री

ब्रिटिश रिपोर्ट में विदेशों में भारतीय एक्शन पर भी चिंता जाहिर की गई है, जिसमें कनाडा और अमेरिका में खालिस्तान समर्थकों की हत्या और हत्या की कोशिश की जिक्र किया गया है. इस रिपोर्ट को गृह कार्यालय की विभिन्न इकाइयों द्वारा तैयार किया गया है, जिनमें प्रिवेंट, रिसर्च, इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस यूनिट (RICU) और होमलैंड सिक्योरिटी, एनालिसिस एंड इनसाइट (HSAI) शामिल हैं.

रिपोर्ट के लीक होने के बाद, गृह कार्यालय के मंत्री डैन जार्विस ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उग्रवाद की परिभाषा में बदलाव करने की कोई योजना नहीं है और यह रिपोर्ट न तो "मौजूदा नीति है और ना ही नई नीति है."

Live TV

Advertisement
Advertisement