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भारत के बाद अब हांगकांग की भी अमेरिका को दो टूक- हमारे मामलों में दखल न दें

बता दें कि बीते दिनों जब पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई थी तो पीएम मोदी ने साफ शब्दों में उन्हें कह दिया था कि कश्मीर विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच में है और इसमें किसी तीसरे पक्ष को पड़ने की जरूरत नहीं है. अब हांगकांग ने भी उसी अंदाज में अमेरिका को आंतरिक मामलों से दूर रहने की नसीहत दी है.

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हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी (फोटो - एजेंसी)
हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी (फोटो - एजेंसी)

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जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच अमेरिका की मध्यस्थता की ख्वाहिश को पीएम मोदी के सिरे से नकारने के बाद अब हांगकांग ने भी अमेरिका को झटका दिया है. हांगकांग में लोकतंत्र को लेकर चल रहे आंदोलन को लेकर अमेरिकी दखल की इच्छा पर चेतावनी जारी करते हुए हांगकांग की सरकार ने इसे अपना आंतरिक मामला बताया है.

बता दें कि बीते दिनों जब पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात हुई थी तो पीएम मोदी ने साफ शब्दों में उन्हें कह दिया था कि कश्मीर विवाद भारत और पाकिस्तान के बीच में है और इसमें किसी तीसरे पक्ष को पड़ने की जरूरत नहीं है क्योंकि दोनों देश मिलकर इसे सुलझाने में सक्षम हैं. लेकिन इसके बाद एक बार फिर अमेरिका ने मध्यस्थता का राग अलापा है.

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भारत के बाद अब हांगकांग की सरकार ने अपने यहां चल रहे गतिरोध को आंतरिक मामला बताते हुए अमेरिका को इससे दूर रहने की चेतावनी दी है.

प्रदर्शनकारियों के अमेरिका से मदद मांगने के बाद हांगकांग के नेताओं ने मंगलवार को संयुक्त राज्य अमेरिका को चेतावनी दी कि वह शहर के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन के लिए उसकी सरकार की प्रतिक्रिया के साथ 'हस्तक्षेप न करें'.

बता दें कि इससे पहले हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास के पास तक मार्च निकाला और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मदद की अपील की. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारी बैनर लिए हुए थे, जिसपर लिखा था -'प्रेसीडेंट ट्रंप, प्लीज सेव हांगकांग' और 'मेक हांगकांग गेट्र अगेन' यानी 'राष्ट्रपति ट्रंप कृपया हांगकांग को बचा लीजिए' और 'हांगकांग को फिर से महान बनाइए.'

हांगकांग में प्रदर्शनकारियों की एक प्रमुख मांग मान लिए जाने के बावजूद विरोध प्रदर्शन लगातार 14वें सप्ताह जारी है. चीन दूसरे देशों को इस मामले में हस्तक्षेप न करने की बराबर चेतावनी दे रहा है. उसका कहना है कि हांगकांग के हालात विशुद्ध रूप से उसका आंतरिक मामला है.

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