भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों ने दाऊद इब्राहिम का दायां हाथ माने जाने वाले छोटा शकील और छोटा राजन के एक गुर्गे के बीच अप्रैल में कराची में हुई फोन कॉल इंटरसेप्ट की थी. इस बातचीत में शकील, राजन के गुर्गे को उसकी लोकेशन से जुड़ी जानकारी देने के बदले पैसों की पेशकश कर रहा था. उसने शकील को बताया था कि राजन ऑस्ट्रेलिया में है.
शकील ने राजन को मरवाने के लिए तुरंत अपने बेस्ट शूटरों को ऑस्ट्रेलिया भेजा. लेकिन डी कंपनी के शूटरों के राजन के न्यूकैसल के ठिकाने पर पहुंचने से ठीक पहले वो वहां से बच निकलने में कामयाब रहा. इंडिया टुडे टेलिविजन के रिपोर्टर आरिज चंद्र ने छोटा शकील से इस बारे में खास बातचीत की. ये है दोनों के बीच हुई बातचीत...
रिपोर्टर: शकीब भाई बोल रहो हो क्या?
शकील: हां शकील बोल रहा हूं.
रिपोर्टर: आप राजन को मारने वाले थे?
शकील: मारना तो है ही, आज नहीं तो कल मारना ही है. वो पहले ही भाग गया.
रिपोर्टर: क्या हुआ था, कैसे हुआ था?
शकील: उसको इनफॉर्मेशन थी और वो पहले भाग गया.
रिपोर्टर: कोई वजह थी या कोई पुरानी दुश्मनी?
शकील: दुश्मनी तो चली आ रही है, इसमें पुरानी या नई वाली क्या बात है. मैंने तुम्हारे चैनल पर ही बात की थी कि मैं इसको मारूंगा. ये कहा था कि चिल्लर को नहीं मारूंगा इसे मारूंगा, लेकिन वो पहले ही भाग गया.
रिपोर्टर: पहले तो अंडरवर्ल्ड में शांत था, लेकिन अब अचानक कैसे हलचल हो गई?
शकील: बॉम्बे में तो सब शांत रखा है हमने, हम किसी को हाथ भी नहीं लगा रहे. मैंने पहले ही कहा था कि मैं इसको मारूंगा. ये कहीं भी मिलेगा, मैं इसको मारूंगा.