इमरान खान के करीबी और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने एक बार फिर प्रदर्शन के बीच से भागने का कारनामा कर दिखाया है. इस बार उनके साथ इमरान खान की पत्नी बुशरा बीबी भी थीं. इस घटना ने न केवल प्रदर्शनकारियों को नाराज किया बल्कि सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया.
प्रदर्शन और गंडापुर की 'तीसरी बार भागने की घटना'
इस्लामाबाद में इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर हजारों समर्थकों ने प्रदर्शन किया. लेकिन जब सरकार ने आधी रात को कार्रवाई शुरू की, तो गंडापुर और बुशरा बीबी ब्लू एरिया से भाग गए. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुके.
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कुछ प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठकर नाराजगी जाहिर करने लगे, तो कुछ गुस्से में चिल्ला रहे थे, 'हमें अली अमीन को जाने नहीं देना चाहिए.' सुबह तक गंडापुर और बुशरा बीबी खैबर पख्तूनख्वा के मनसेहरा में नजर आए, जहां पीटीआई का मजबूत आधार है.
गंडापुर की 'हैट्रिक'
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यह पहली बार नहीं है जब गंडापुर ने इस तरह प्रदर्शनकारियों का साथ छोड़ा. अक्टूबर में भी वह इस्लामाबाद में चल रहे प्रदर्शन से गायब हो गए थे. 48 घंटे बाद वह खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा में नजर आए. सितंबर में भी इसी तरह वह एक रैली के दौरान गायब हो गए थे.
इमरान खान की रिहाई की 'फाइनल कॉल' नाकाम
इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर चल रहा पीटीआई का प्रदर्शन आखिरकार विफल रहा. प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई. आंसू गैस, रबर की गोलियां और 500 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं. इस दौरान 6 लोगों की मौत भी हो गई.
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स्थिति बिगड़ने पर गंडापुर और बुशरा बीबी प्रदर्शन स्थल से भाग गए. इनके भागते ही प्रदर्शनकारियों के हौसले टूट गए, और धीरे-धीरे प्रदर्शन खत्म हो गया.