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इंसानों का बूचड़खाना! सीरिया की वो जेल जहां दी जाती थीं यातनाएं, देखें उसकी सैटेलाइट तस्वीरें और 3D मॉडल

सैटेलाइट इमेज और 3D मॉडल ने सीरिया की सबसे खतरनाक सेदनाया जेल की खौफनाक सच्चाइयों को उजागर किया, जहां हजारों कैदियों को अमानवीय यातनाओं का सामना करना पड़ा.

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सेदनाया जेल का 3D मॉडल.
सेदनाया जेल का 3D मॉडल.

सैटेलाइट इमेज और 3D मॉडल के जरिए आजतक ने सीरिया की सबसे खतरनाक जेल सेदनाया की डरावनी सच्चाइयों को सामने रखा है. यह जेल 1987 में बनाई गई थी और इसे तानाशाह बशर अल-असद द्वारा अपने विरोधियों को डराने और खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया गया.

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लगता था मौत का कैंप 

सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स के अनुसार 2011 में सीरियन सिविल वॉर शुरू होने के बाद से इस जेल में 30,000 से अधिक कैदियों की मौत हुई. इस जेल को 'डैथ कैंप' और 'स्लॉटरहाउस' के नाम से भी जाना जाता है. सेदनाया जेल में कैदियों को अमानवीय यातनाएं दी जाती थीं, जिसमें भूख, मेडिकल सुविधा की कमी और शारीरिक हिंसा शामिल थी.

कैदियों को ऐसी यातनाएं दी जाती थीं कि उनकी पहचान तक खो जाती थी. 2018 की वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, एक पूर्व कैदी ने बताया कि उसने देखा कि गार्ड्स ने एक कैदी के गले में मेटल पाइप डालकर उसे दीवार से पिन कर दिया. उसकी लाश पूरी रात वहीं पड़ी रही.

मार्च 2018 की सैटेलाइट इमेज में जेल के 'व्हाइट बिल्डिंग' में रखे 6 फीट के ऑब्जेक्ट्स दिखाए गए, जो कैदियों के शव हो सकते हैं.

जेल में कैदियों से उनके ही साथी कैदियों की हत्या करवाना आम बात थी. इनकार करने पर उन्हें खाना या मेडिकल सुविधा से दूर रखा जाता था. जेल से रिहा हुए कैदियों ने बताया कि उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों स्तरों पर तोड़ने की कोशिश की जाती थी.

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साल 2018 में जेल की खुदाई के दौरान वहां दर्जनों लाशें मिलीं, जिनमें शरीर के कई अंग कटे हुए थे. परिवार के लोग अपने रिश्तेदारों की पहचान तक नहीं कर पा रहे थे. एक स्थानीय अस्पताल अधिकारी ने बताया, 'यहां सबकी लाशें इतनी खराब हालत में थीं कि पहचान करना असंभव था.'

जेल का ढांचा और सुरक्षा 

सेदनाया जेल में तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था थी. जेल के आसपास एंटी-टैंक माइन बिछाए गए थे, जो किसी भी बाहरी हमले को रोकने के लिए लगाए गए थे.

पहली सुरक्षा टीम बाहरी दीवारों और मुख्य द्वार की निगरानी करती थी. दूसरी सुरक्षा टीम असद सरकार के प्रति वफादार 200 सैनिकों की थी, जो बड़े हमले या जेल तोड़ने के प्रयास को रोकने के लिए तैनात थे. तीसरी सुरक्षा टीम जेल के अंदर की गतिविधियों और दीवारों में सुराख जैसी चीजों पर नजर रखती थी. 

सेदनाया जेल का डिजिटल मॉडल.

जेल में दो मुख्य इमारतें थीं - रेड बिल्डिंग और व्हाइट बिल्डिंग. रेड बिल्डिंग में नागरिक कैदियों को रखा जाता था, जबकि व्हाइट बिल्डिंग मिलिट्री कैदियों के लिए थी. दोनों इमारतों में साप्ताहिक फांसी देने की व्यवस्था थी.

एमनेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के अनुसार, रेड बिल्डिंग के कैदियों को शारीरिक और यौन यातनाओं का सामना करना पड़ता था. यहां की दीवारें कैदियों को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ने के लिए डिजाइन की गई थीं.

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खुदाई में मिला खौफनाक सच

असद के शासन के पतन के बाद जेल की खुदाई में दर्जनों शव मिले. इन शवों की हालत इतनी खराब थी कि उसे पहचानना तक मुश्किल था. स्थानीय लोग अपने रिश्तेदारों की पहचान के लिए शवों को ढूंढते नजर आए.

बहदालियाह कब्रिस्तान में 2018-2022 के दौरान बड़ी संख्या में कब्रें मिलीं.

सेदनाया जेल, जो कभी असद के शासन का प्रतीक थी, अब खौफनाक इतिहास की कहानी बन गई है. सैटेलाइट इमेज और 3D मॉडल ने इस जेल की खौफनाक सच्चाइयों को उजागर किया, जहां हजारों कैदियों ने अमानवीय यातनाओं का सामना किया.

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