पाकिस्तान ने मुंबई हमले के गुनाहगार अजमल कसाब को फांसी दिए जाने को लेकर सावधानी के साथ प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह हर तरह के आतंकवाद की निंदा करता है और दहशतगर्दी को खत्म करने के लिए सभी देशों के साथ सहयोग का इच्छुक है.
विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मुअज्जम खान ने एक बयान में कहा, ‘हम आतंकवाद के हर स्वरूप और उसके प्रकटीकरण की निंदा करते हैं. हम आतंकवाद की बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिये क्षेत्र के सभी देशों के साथ करीबी सहयोग करना और उसके लिए काम करने की इच्छा रखते हैं.’
खान ने भारत के इस दावे को भी खारिज किया कि उसने 2008 के मुंबई हमले में संलिप्त कसाब को फांसी पर लटकाने के फैसले से संबंधित पत्र को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था. उन्होंने कहा कि उसे ‘वह नोट मिला था और उसने उसे स्वीकार किया था.’
भारत के इस दावे के बारे में कि कसाब को फांसी दिये जाने के बारे में पहले ही पाकिस्तान को सूचित कर दिया गया था लेकिन इस्लामाबाद ने उसके पत्र को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था.
खान ने कहा, ‘ये खबरें गलत और बेबुनियाद हैं.’ उन्होंने कहा कि भारतीय उप उच्चायुक्त मंगलवार शाम को कसाब को फांसी दिये जाने के बारे में नोट के साथ विदेश कार्यालय आये और विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया मामलों के महानिदेशक ने ‘नोट प्राप्त किया और उसे स्वीकार किया.’
मुंबई में हमला करने वाले 10 पाकिस्तानी आतंकवादियों में कसाब जिंदा पकड़ा गया था. लश्कर तैयबा द्वारा प्रशिक्षित शेष नौ आतंकवादी मारे गए थे. मुंबई हमले में कुल 166 लोग मारे गए थे.
पाकिस्तानी अधिकारियों में मुंबई हमले के संदर्भ में लश्कर के स्वयंभू कमांडर जकीउर रहमान लखवी सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ साजिश रचने, वित्तीय मदद देने और हमले की साजिश को अंजाम देने का आरोपी बनाया गया.
रावलपिंडी में इन आतंकवादियों के खिलाफ सुनवाई चल रही है. यह सुनवाई तकनीकी कारणों के कारण समय-समय पर स्थगित होती रही है. पाकिस्तान ने लश्कर के संस्थापक और कुख्यात आतंकी हाफिज मोहम्मद सईद के खिलाफ कार्रवाई करने से इंकार कर दिया था. उसका कहना था कि भारत ने सईद के खिलाफ ठोस सबूत मुहैया नहीं कराए हैं.