भारत शिनजियांग एयरस्पेस को भारतीय एयरलाइंस के लिए वैकल्पिक रूट बनाने के लिए चीन के साथ बातचीत कर रहा है, सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है. सूत्रों के मुताबिक, यह बातचीत लगभग एक साल से चल रही है. विदेश मंत्रालय भी इस मुद्दे पर सक्रिय है. पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि ने भी लागत बढ़ाई है. यह वैकल्पिक रूट भारतीय एयरलाइंस के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
सूत्रों की मानें तो, भारत खास तौर पर चीन के शिनजियांग एयरस्पेस को वैकल्पिक रूट की तरह इस्तेमाल करने की संभावनाओं को तलाश रहा है. पाकिस्तानी एयरस्पेस पर पाबंदियों के कारण सरकार फिलहाल वैकल्पिक हवाई रूट की तलाश कर रही है. सूत्रों के मुताबिक, शिनजियांग एयरस्पेस को लेकर चीन के साथ भारत की यह बातचीत तकरीबन एक साल से चल रही है.
पाकिस्तानी एयरस्पेस पर पाबंदियों के कारण भारतीय ऑपरेटरों को यूरोप और अमेरिका के लिए अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे रूट लेने पड़ रहे हैं. इससे भारत की परिचालन लागत यानी ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ी है.
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एयरलाइंस की परिचालन लागत बढ़ी
वहीं, पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल(ATF) यानी विमान ईंधन की कीमत बढ़ी है. इससे भी एयरलाइंस की परिचालन लागत पर असर पड़ा है. ऐसे में, चीन का वैकल्पिक एयरस्पेस रूट पाकिस्तानी एयरस्पेस की पाबंदियों से प्रभावित भारतीय एयरलाइंस को थोड़ी राहत दे सकता है.
सूत्रों के मुताबिक, भारत होटान के ऊपर से संभावित हवाई रूट की संभावना तलाश रहा है. वहीं, विदेश मंत्रालय भी इस मामले में सक्रिय है. सूत्रों के मुताबिक, विदेश मंत्रालय इस मामले पर अपने चीनी समकक्षों के साथ बातचीत कर रहा है.