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ऑस्ट्रेलिया में विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिका को सुनाई दो टूक! पुतिन होंगे खुश

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर वहां की विदेश मंत्री पैनी वोंग के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कई जरूरी मुद्दों पर बातचीत भी की. साथ ही पाकिस्तान को हथियार सप्लाई को लेकर पश्चिमी देशों पर निशाना साधा.

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फोटो- विदेश मंत्री एस जयशंकर
फोटो- विदेश मंत्री एस जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ऑस्ट्रेलिया की यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पैनी वॉन्ग के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान विदेश मंत्री से रूस और यूक्रेन युद्ध में भारत के रुख और रूस पर ऊर्जा और डिफेंस सेक्टर में अधिक निर्भरता पर सवाल पूछे गए. इन दोनों मामलों को लेकर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुलकर बात की. साथ ही पाकिस्तान को हथिायार सप्लाई को लेकर पश्चिमी देशों पर भी निशाना साधा.     

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ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पैनी वोंग के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत के विदेश एस जयशंकर ने हथियारों को लेकर रूस पर भारत की निर्भरता को लेकर कहा कि कई दशकों तक पश्चिमी देशों ने भारत को हथियार की सप्लाई नहीं की. सच तो ये है कि तब हमारा पड़ोसी पाकिस्तान जहां सैन्य तानाशाही थी, उनका पसंदीदा साथी था.   

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत के रूस के साथ लंबे समय से संबंध रहे हैं. इन संबंधों ने हम दोनों को फायदा पहुंचाया है. विदेश मंत्री ने आगे कहा कि भारत के पास सोवियत और रूसी हथियारों का पर्याप्त भंडार है.

वहीं, इंडियन ओसियन में चीनी जहाज के सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जहाज को लाने का क्या मकसद है और यह कितना पारदर्शी है, इन पहलुओं पर विचार किया जाना जरूरी है. 

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विदेश मंत्री ने आगे कहा कि जब कोई देश किसी दूसरे देश की नौसैनिक उपस्थिति का आकलन करता है तो सबसे पहले देखा जाता है कि सच में इसके पीछे क्या मकसद है, क्या संदेश और इस मामले में वह कितना पारदर्शी है.

खालिस्तानी मामले पर बोले एस जयशंकर

वहीं खालिस्तानी मुद्दे पर कनाडा की सरकार से अनबन को लेकर विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने समय-समय पर खालिस्तानी मुद्दे पर कनाडा की सरकार से बातचीत की है. विदेश मंत्री ने बताया कि एक लोकतांत्रिक समाज में स्वतंत्रता का गलत इस्तेमाल उन ताकतों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए जो असलियत में हिंसा और कट्टरता की वकालत करती हैं.  सभी देशों के लिए यह समझना जरूरी है कि वर्तमान में कैसे लोकतंत्रों को सिर्फ अपने लिए काम नहीं करना चाहिए. लोकतंत्रों की दूसरे लोकतंत्रों के प्रति भी जिम्मेदारी है.

क्या बोलीं ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री

दूसरी ओर, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पैनी वॉन्ग ने रूस और यूक्रेन युद्ध को लेकर यूक्रेन के लोगों पर रूसी हमलों की निंदा की. वहीं उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को शांति की सलाह देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी तारीफ की. 

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान में एससीओ मीटिंग के दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात के दौरान कहा था कि यह युद्ध का दौर नहीं है. ऐसे में पुतिन ने भी कहा था कि वे भी चाहते हैं कि यूक्रेन के साथ जंग जल्द ही समाप्त हो जाए. 

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वहीं ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने ऐलान करते हुए कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने दोनों देशों में एक और  महावाणिज्य दूतावास खोलने का फैसला किया है. जल्द ही  भारत के बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया एक महावाणिज्य दूतावास खोलने जा रहा है, वहीं भारत भी ऑस्ट्रेलिया में एक महावाणिज्य दूतावास खोलने की प्लानिंग कर रहा है.

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