भारत पाकिस्तान के बीच संबंध लंबे समय से ठीक नहीं है. लंबी राजनीतिक उठापटक के बाद नई सरकार बनी है और वे अपने पड़ोसी से 'अच्छे संबंध' रखना चाहते हैं. शहबाज सरकार के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी कहा कि पाकिस्तान के बिजनेस कम्युनिटी हिंदुस्तान के साथ ट्रेड शुरू करना चाहते हैं. उन्होंने कहा, 'पड़ोसी को बदला नहीं जा सकता.'
इशाक डार लंदन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, जब उन्होंने जम्मू कश्मीर से धारा 370 खत्म किए जाने पर टिप्पणी की और कहा कि 'वो जो हुआ वो गलत हुआ.' इशाक डार ने कहा, "हमें अगस्त 2019 की भारतीय कार्रवाई के लिए खेद है, लेकिन पाकिस्तान का व्यापारिक समुदाय भारत के साथ व्यापार बहाल करना चाहता है. इस संबंध में बातचीत की जाएगी और सभी प्रस्तावों की समीक्षा के बाद निर्णय लिया जाएगा."
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'हां या ना में नहीं दे सकता जवाब'
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि बजट से पहले भी इस बारे में चर्चा उठ रही थी. सिंगापुर के माध्यम से ट्रेड करना मुश्किल होता है. ट्रांसपोर्टिंग का कोस्ट अतिरिक्त लग जाता है और इस लिए इस बारे में बैठक की जाएगी और देखा जाएगा कि अर्थव्यवस्था को बूस्ट देने के लिए जो ट्रेड है उसका क्या कर सकते हैं. वह मीडिया से बात कर रहे थे, जहां उन्होंने कहा, 'मैं इसका जवाब अभी हां या ना में नहीं दे सकता, क्योंकि कंसल्टेशन की जरूरत है."
370 पर अड़ा है पाकिस्तान
पाकिस्तान में आर्थिक और राजनीतिक संकट के बीच 8 फरवरी को चुनाव हुए थे. चुनाव में धांधली के भी आरोप लगे. तमाम जद्दोजहद के बाद शहबाज शरीफ प्रधानमंत्री बने. उन्होंने अपने भाषण में तमाम पड़ोसी मुल्कों से अच्छे संबंध कायम करने की बात कही थी. उन्होंने भारत के साथ संबंधों का जिक्र किया था और अगस्त 2019 में धारा 370 खत्म किए जाने का विरोध किया था.
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भारत-पाकिस्तान के बीच 2019 के पुलवामा हमले के बाद संबंध खराब हो गए. दोनों मुल्कों की बातचीत बंद है और ट्रेड लगभग ठप है. बीते कुछ महीनों में पाकिस्तान ने गंभीर आर्थिक संकट देखी है. हालांकि, नई सरकार बनने के बाद हालात स्थिर होने की उम्मीद है.