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'भारत और अमेरिका के रिश्ते 'चपाती' की तरह नहीं...', ऐसा क्यों बोले US के मंत्री

अमेरिका के ऊर्जा संसाधान मंत्री जेफ्री आर पायट ने कहा कि कोई भी भारत और अमेरिका के कारोबारी संबंधों को 'चपाती' की तरह सपाट नहीं बता सकता. हमारे संबंध 'पूड़ी' की तरह बहुत बड़े और फूले हुए हैं.

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भारत अमेरिका संबंध
भारत अमेरिका संबंध

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भारत के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को लेकर बेहद रोचक बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत के साथ उनके संबंध 'चपाती' की तरह सपाट नहीं बल्कि 'पूड़ी' की तरह बड़े और फूले हुए हैं. 

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यह बयान अमेरिका के ऊर्जा संसाधान मंत्री जेफ्री आर पायट (Geoffrey R Pyatt) ने दिया है. उन्होंने दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर चर्चा के दौरान ये बात कही. उन्होंने कहा कि कोई भी दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को 'चपाती' की तरह सपाट नहीं बता सकता. हमारे संबंध 'पूड़ी' की तरह बहुत बड़े और फूले हुए हैं. मुझे नहीं लगता हम भारत के साथ फिलहाल एफटीए को लेकर बातचीत करने वाले हैं. दोनों देशों के कारोबारी संबंधों को और गहरा करने के लिए अभी अधिक महत्वपूर्ण चर्चा होनी है.

अमेरिकी अधिकारी का ये बयान दोनों देशों के बीच कारोबारी साझेदारी को दर्शाता है. 2022 में अमेरिका से भारत में आयात बढ़कर 47.2 अरब डॉलर रहा. 2021 के मुकाबले इसमें 17.9 फीसदी का इजाफा हुआ है जबकि 2012 की तुलना में इसमें 112 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.

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लाल सागर संकट के बीच एनर्जी सिक्योरिटी के संदर्भ में भारत और अमेरिका संबंधों से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए पायट ने हूती विद्रोहियों के हमले से एक टैंकर को बचाने की भारतीय नौसेना की तत्परता की सराहना की. 

उन्होंने कहा कि हम अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था में अप्रत्याशित उथल-पुथल के दौर में जी रहे हैं. इस समय वैश्विक स्तर पर बहुत हलचल है लेकिन जिस तरह से भारतीय नौसेना ने हूती के हमले से एक टैंकर को बचाया, वह काबिले तारीफ है.

बता दें कि पायट 26 से 31 जनवरी तक भारत के दौरे पर थे, जहां उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से चर्चा की. ये चर्चा लाल सागर में जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमले के बाद वैश्विक तेल बाजार में मचे हड़कंप से जुड़ी हुई थी. 

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