अमेरिका के H-1B वीजा के रजिस्ट्रेशन जल्द ही बंद होने वाले हैं. अमेरिकी सिटीजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस (USCIS) ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है. USCIS ने बताया कि वित्त वर्ष 2025 के लिए H-1B वीजा के शुरुआती रजिस्ट्रेशन की तारीख 22 मार्च को खत्म होने वाली है.
अमेरिका में काम करने वाले विदेशी नागरिकों को H-1B वीजा की जरूरत पड़ती है. इसके रजिस्ट्रेशन की विंडो 6 मार्च को खुली थी. जारी बयान में बताया गया है कि H-1B वीजा के रजिस्ट्रेशन की तारीख 22 मार्च की दोपहर 12 बजे (भारतीय समयानुसर रात 9.30 बजे) खत्म हो जाएगी.
रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन होगा. इसके लिए myUSCIS अकाउंट का इस्तेमाल करना होगा. आवेदन और उसकी फीस भी इसके जरिए ही भरी जाएगी.
ये दस्तावेज देने होंगे
रजिस्ट्रेशन के लिए वैलिड पासपोर्ट डिटेल और वैलिड ट्रैवल डॉक्यूमेंट की जानकारी देनी होगी. अगर कुछ भी गड़बड़ी पाई जाती है तो एप्लीकेशन को रद्द किया जा सकता है.
रजिस्ट्रेशन खत्म होने के बाद जिनका सिलेक्शन होगा, उन्हें 31 मार्च तक myUSCIS ऑनलाइन अकाउंट पर इसकी जानकारी दी जाएगी. इसके बाद 1 अप्रैल से H-B कैप पिटीशन के लिए ऑनलाइन फॉर्म जमा किए जाएंगे. जबकि, H-1B नॉन-कैप की पिटीशन की तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी.
USCIS ने बताया कि गैर-अप्रवासी वर्कर के लिए एप्लीकेशन फॉर्म I-129 और प्रीमियम सेवा के लिए एप्लीकेशन फॉर्म I-907 ऑनलाइन अवेलेबल है.
बढ़ गई है वीजा फीस
1 अप्रैल से वित्त वर्ष 2025 के लिए वीजा एप्लीकेशन ली जाएगी. सालों बाद अमेरिकी सरकार ने वीजा फीस में बढ़ोतरी भी कर दी है.
वीजा फीस को 10 डॉलर से बढ़ाकर 110 डॉलर कर दिया गया है. वहीं, H-1B वीजा के लिए भी रजिस्ट्रेशन फीस 10 डॉलर से बढ़ाकर 215 डॉलर हो गई है.
क्या है H-1B वीजा?
H-1B वीजा गैर-अप्रवासी वीजा है. ये अमेरिकी कंपनियों को विदेशी कामगारों को नियुक्त करने की मंजूरी देता है. जब भी कोई व्यक्ति अमेरिकी कंपनी में नौकरी करता है तो उसे H-1B वीजा जारी किया जाता है.
अब तक ये होता था कि अगर किसी व्यक्ति का H-1B वीजा एक्सपायर हो गया है तो उसे रिन्यू करवाने के लिए दोबारा अपने देश लौटना पड़ता था. लेकिन अब रिन्यू प्रक्रिया के लिए स्वदेश नहीं आना पड़ेगा. अमेरिका में रहते हुए ही वीजा रिन्यू हो जाएगा.
H-1B वीजा की रिन्युअल प्रक्रिया को आसान बनाने से लगभग 10 लाख लोगों को फायदा होगा और इसमें बड़ी संख्या भारतीयों की होगी. अमेरिका में लाखों भारतीय काम कर रहे हैं. 2022 में अमेरिकी सरकार ने 4.42 लाख लोगों का H-1B जारी किया था. इनमें से 73 फीसदी भारतीय थे.