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अमेरिकी सरकार का वो बड़ा कदम, जिससे खुलेगा भारतीयों के लिए Green Card का रास्ता

नेशनल सिक्योरिटी एग्रीमेंट के तहत सीमा सुरक्षा को और मुस्तैद करने और इजरायल और यूक्रेन को जंग में और मदद देने के साथ-साथ इमिग्रेशन से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं, जिनसे इमिग्रेंट्स विशेष रूप से भारतीय समुदाय के लोगों को बहुत लाभ होगा.

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ग्रीन कार्ड
ग्रीन कार्ड

अमेरिकी संसद में भारतीय इमिग्रेंट्स को लेकर एक अहम प्रस्ताव पेश किया है. नेशनल सिक्योरिटी एग्रीमेंट नाम के इस प्रस्ताव के तहत H-1B वीजा धारकों के पार्टनर्स को अमेरिका में रोजगार का अधिकार और उनके व्यस्क बच्चों के अधिकारों को संरक्षित रखने का प्रावधान है.

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दरअसल H-1B वीजा धारकों के पार्टनर्स और बच्चों को H-4 वीजा जारी किया जाता है. माना जा रहा है कि इस श्रेणी में एक लाख H-4 वीजाधारक हैं, जिन्हें इस एग्रीमेंट से फायदा होने की उम्मीद है.

अमेरिकी सीनेट में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक नेतृत्व के बीच लंबी बातचीत के बाद रविवार को 'नेशनल सिक्योरिटी एग्रीमेंट' पेश किया गया. अमेरिकी सरकार का ये प्रस्ताव उन हजारों भारतीय टेक पेशेवरों के लिए राहत भरी खबर है, जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड मिलने का इंतजार कर रहे हैं. ग्रीन कार्ड ना मिलने की वजह से H-1B वीजा धारकों के पार्टनर्स अमेरिका में काम नहीं कर पा रहे हैं और इनके बच्चों पर डिपोर्टेशन का खतरा लगातार मंडरा रहा है.

बता दें कि ग्रीन कार्ड को अमेरिका में आधिकारिक तौर पर स्थायी निवास कार्ड के तौर पर जाना जाता है. यह अमेरिका में प्रवासियों को जारी किया जाने वाला दस्तावेज है, जिसके तहत वीजाधारक को स्थायी रूप से रहने का अधिकार दिया जाता है. ग्रीन कार्ड जारी करने के लिए प्रति देश के हिसाब से एक तय सीमा होती है.

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इस कदम पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि बहुत लंबे समय से दशकों से इमिग्रेशन सिस्टम बिखरा हुआ है. हमारे देश के मूल्यों को संरक्षित रखते हुए देश सुरक्षित होगा, हमारी सीमाएं सुरक्षित होंगी, लोगों के साथ निष्पक्षता से व्यवहार होगा.

क्या है नेशनल सिक्योरिटी एग्रीमेंट?

नेशनल सिक्योरिटी एग्रीमेंट 118.28 अरब डॉलर का एक पैकेज है, जिसका ऐलान रविवार को किया गया. इस एग्रीमेंट के तहत सीमा सुरक्षा को और मुस्तैद करने और इजरायल और यूक्रेन को जंग में और मदद देने के साथ-साथ इमिग्रेशन से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं, जिनसे इमिग्रेंट्स विशेष रूप से भारतीय समुदाय के लोगों को बहुत लाभ होगा.

इस बिल में H-1B वीजाधारकों के व्यस्क बच्चों के अधिकारों को संरक्षित करने, इस श्रेणी के वीजाधारकों के पार्टनर्स को रोजगार का अधिकार देने और ग्रीन कार्ड कोटा को बढ़ाने की मांग की गई है. विश्लेषकों का कहना है कि इसके पूरे आसार हैं कि यह बिल संसद के दोनों सदनमों में पारित हो जाएगा.

H-1B वीजाधारकों के बच्चों को भी लाभ

इसके साथ ही भारतीय अमेरिकी इमिग्रेंट्स के बच्चों को भी लाभ मिलेगा. इस बिल के तहत लंबी अवधि के लिए एच-1बी वीजाधारकों के बच्चों को संरक्षण मिलेगा. इसके तहत अगले पांच सालों तक हर साल 18000 लोगों को रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड मिलेगा. 

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क्या है H1B वीजा?

एच-1बी वीजा एक गैर-प्रवासी वीजा है. एच1बी वीजा आमतौर पर उन लोगों को दिया जाता है जो अमेरिका में काम करने के लिए जाते हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो ये वीजा अमेरिकी कंपनियों में काम करने वाले ऐसे कुशल कर्मचारियों को रखने के लिए दिया जाता है जिनकी अमेरिका में कमी है. इसके बाद उसे ग्रीन कार्ड दिया जाता है. इस वीजा की वैलिडिटी छह साल की होती है. अमेरिकी कंपनियों की डिमांड की वजह से भारतीय आईटी प्रोफेशनल्‍स इस वीजा सबसे अधिक हासिल करते हैं. जिन लोगों का एच-1बी वीजा की अवधि खत्म हो जाती है तो वह फिर अमेरिकी नागरिकता के लिए अप्लाई कर सकते हैं. एच-1बी वीजाधारक शख्स अपने बच्चों और पत्नी के साथ अमेरिका में रह सकता है.

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