ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को जान से मारने की धमकी देने वाले भारतीय मूल के शख्स को राजद्रोह का दोषी करार दिया गया है. न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, जसवंत सिंह चैल की ओर से अधिकारियों को बताया गया कि वह महारानी को मारने का इरादा रखता था.
जसवंत सिंह चैल द्वारा सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया गया था, जिसमें उसने 1919 में जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने के लिए महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को मारने की बात कही थी. जसवंत ने लंदन के ओल्ड बेली कोर्ट में यूनाइटेड किंगडम के देशद्रोह अधिनियम के तहत अपराध स्वीकार किया है.
दक्षिणी इंग्लैंड के साउथेम्प्टन के 19 वर्षीय युवक को क्रिसमस के दिन जबरन निजी संपत्ति में घुसने की कोशिश के बाद गिरफ्तार किया गया था. उसे एक हथियार रखने के संदेह में पकड़ा गया था. मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया था कि महल के पार्क में घुसने की कोशिश के बाद संदिग्ध के खिलाफ मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई.
31 मार्च को होगा सजा का ऐलान
ब्रिटिश सिख जसवंत सिंह को ब्रॉडमूर अस्पताल में रखा गया है, जहां से उसे वीडियो लिंक के माध्यम से अदालत में पेश किया गया था. अब उसे कोर्ट 31 मार्च को सजा सुनाएगी. मेट्रोपॉलिटन पुलिस के काउंटर टेररिज्म कमांड के प्रमुख कमांडर रिचर्ड स्मिथ ने कहा कि अधिकारियों ने बहादुरी दिखाते हुए लोडेड क्रॉसबो से लैस शख्स को पकड़ लिया.
25 दिसंबर, 2021 की घटना
21 वर्षीय जसवंत सिंह चैल को राजद्रोह अधिनियम, 1842 की धारा 2 के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है. पुलिस ने बताया कि आरोपी ने महारानी को नुकसान पहुंचाने की इच्छा जताते हुए वीडियो भी बनाया था, गिरफ्तारी से पहले उसने अपने संपर्क के लोगों को वीडियो भेजा भी था. बता दें कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का पिछले साल सितबंर महीने में 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था. 25 दिसंबर, 2021 की सुबह चैल की घुसपैट के समय वह विंडसर कैसल में अपने महल में थीं.