सिंगापुर में भारतीय मूल की उम्रदराज महिला को अपनी बेटी की मेड के साथ मारपीट का दोषी पाया गया है. आरोप है कि 64 साल की महिला की प्रताड़ना से मेड की मौत हो गई. इस मामले में आरोपी महिला प्रेमा एस नारायणसामी को 48 आरोपों में दोषी ठहराया गया. हाउस मेड का नाम पियांग गेह डोन था, जो म्यांमार से थी.
रिपोर्ट के मुताबक, सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि भारतीय मूल की महिला ने 24 साल की मेड को इतना प्रताड़ित किया कि ब्रेन इंजरी से 26 जुलाई 2016 को उसकी मौत हो गई. इससे पहले लगातार 14 महीनों तक उससे मारपीट होती रही, जिससे उसके मस्तिष्क पर गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई.
आरोपी महिला को जब यह पता चला कि उसकी बेटी मेड के साथ मारपीट करती है तो उसने भी मेड से मारपीट करनी शुरू कर दी. सीसीटीवी वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रेमा लगातार मेड से मारपीट करती थी. वह उस पर पानी फेंकती, उस पर लात और घूंसे बरसाती, उसे थप्पड़ मारती, भूखा रखती और कई बार उसे गर्दन से पकड़कर मारपीट करती. मेड के बाल खींचकर उससे मारपीट की जाती.
प्रेमा की बेटी को 30 साल की सजा
भारतीय मूल की आरोपी महिला प्रेमा की बेटी गायित्री मुरुगयन एक पुलिस अधिकारी की पत्नी है. गायित्री को 2021 में 30 साल की सजा सुनाई गई थी. गायित्री (41) को 28 आरोपों में दोषी ठहराया गया था.
मेड का वजन 39 किलोग्राम से घटकर 24 रह गया था
बता दें कि मेड ने जब मई 2015 में इस परिवार के घर काम करना शुरू किया था तो उसका वजन 39 किलोग्राम था. लेकिन मौत के समय उसका वजन सिर्फ 24 किलोग्राम पाया गया.
मामले में सजा सुनाते हुए हाईकोर्ट की जज सी की उन ने कहा कि यह मामला गैर इरादतन हत्या का सबसे खराब मामला है. पियांग मरने से पहले लंबे समय तक शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रताड़ना से जूझती रही.
गायित्री के पूर्व पति केविन (43) को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था. उन पर भी मेड के साथ मारपीट करने के कई आरोप लगे थे. मेड के साथ मारपीट और प्रताड़ना के हरेक मामले में प्रेमा को दो साल की सजा और लगभग 3,625 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.