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बहराइच की E-Rickshaw ड्राइवर ने जीता ब्रिटिश रॉयल अवॉर्ड, बकिंघम पैलेस में Pink ई-रिक्शे से पहुंचीं, किंग चार्ल्स-3 से की मुलाकात

लंदन में बकिंघम पैलेस में आयोजित इस अवॉर्ड कार्यक्रम में आरती अपने गुलाबी ई-रिक्शे से ही पहुंची थीं. वह किंग चार्ल्स से मुलाकात कर बहुत खुश हैं. उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अन्य लड़कियों को प्रेरित कर पा रही हूं, जो समान तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं. इस नई स्वतंत्रता ने मुझे दुनिया को एक अलग नजरिए से देखने का मौका दिया है.

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बकिंघम पैलेस में आयोजित अवॉर्ड कार्यक्रम
बकिंघम पैलेस में आयोजित अवॉर्ड कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के एक छोटे से गांव की महिला ई-रिक्शा ड्राइवर को लंदन में सम्मानित किया गया है. ब्रिटेन के किंग चार्ल्स तृतीय ने 18 साल की ई-रिक्शा ड्राइवर को सम्मानित किया है. वह किंग चार्ल्स-तृतीय से मुलाकात कर बहुत खुश हैं

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पिछले हफ्ते बहराइच की पिंक ई-रिक्शा ड्राइवर 18 साल की आरती को बकिंघम पैलेस में अमाल क्लूनी वीमेन एम्पावरमेंट अवॉर्ड (Amal Clooney Women Empowerment Award) से सम्मानित किया गया था. आरती को भारत सरकार के पिंक ई-रिक्शा इनिशिएटिव के साथ जुड़कर काम कर अन्य लड़कियों को प्रेरित करने के लिए सम्मानित किया गया. अमाल क्लूनी प्रतिष्ठित मानवाधिकार वकील हैं. ये अवॉर्ड उन्हीं के नाम पर दिया जाता है. 

बकिंघम पैलेस में आयोजित ब्रिटिश रॉयल अवॉर्ड कार्यक्रम में आरती अपने गुलाबी ई-रिक्शे से ही पहुंची थीं. वह किंग चार्ल्स से मुलाकात कर बहुत खुश हैं. उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं अन्य लड़कियों को प्रेरित कर पा रही हूं, जो समान तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं. इस नई स्वतंत्रता ने मुझे दुनिया को एक अलग नजरिए से देखने का मौका दिया है. अब मैं न सिर्फ अपने सपने पूरे कर पा रही हूं बल्कि अपनी बेटी के सपने भी पूरे कर पा रही हूं. 

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उन्होंने कहा कि ये बेहतरीन अनुभव रहा. किंग चार्ल्स बहुत अच्छे हैं. उन्होंने मेरे परिवार को नमस्ते भी कहा है. वह बहुत धैर्य से मुझे सुनते रहे, जब मैंने उन्हें बताया कि मुझे ई-रिक्शा चलाना बहुत पसंद है. मैंने उन्हें बताया कि ई-रिक्शा डीजल या पेट्रोल से नहीं चलती. इसे मैं हर रात अपने घर पर ही चार्ज करती हूं. बता दें कि आरती की पांच साल की बेटी है, जिसके लिए उन्होंने लंदन के अपनी पहली यात्रा के दौरान ही केक और जूते खरीदे.

आरती को लेकर ब्रिटिश एक्टिविस्ट और मानवाधिकार कार्यकर्ता अमाल क्लूनी ने बताया कि इस साल की विजेता आरती महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण हैं, जिन्होंने पुरुषों के वर्चस्व वाले इस क्षेत्र में सराहनीय काम कर महिलाओं को सुरक्षित माहौल मुहैया कराया है. आरती एक ऐसा समाज तैयार करना चाहती हैं, जहां उनकी बेटी को उन दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े, जिसका उन्होंने सामना किया है. 

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