चीन में कोरोना से हड़कंप मचा हुआ है. कई देशों ने चीन से लौट रहे नागरिकों की कोरोना टेस्टिंग अनिवार्य कर दी है. ऐसे में बीते 13 सालों से चीन के सलेम में काम करने वाले भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर भारत पहुंचने पर कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं.
चीन में काम कर रहा यह भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर 27 दिसंबर को भारत लौटा था. यहां कोयंबटूर एयरपोर्ट पहुंचने पर जब उनके परिवार समेत उनकी आरटी पीसीआर टेस्टिंग की गई तो वह कोरोना पॉजिटिव पाए गए. जबकि उनकी पत्नी और दोनों बच्चों की रिपोर्ट निगेटिव रही. उन्हें तुरंत क्वारंटीन कर लिया गया.
इससे पहले चीन से लौटी एक महिला और उनकी छह महीने की बेटी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं. उनका 28 दिसंबर को मदुरई एयरपोर्ट पर कोरोना टेस्ट किया गया था. उन्हें भी क्वारंटीन किया गया.
चीन ने हटाई पाबंदियां, दुनियाभर की बढ़ी टेंशन
चीन में कोरोना के बेतहाशा केस बढ़ रहे हैं. इतना ही नहीं मौतें भी इतनी हो रही हैं कि अस्पतालों के मोर्चरी हाउस और श्मशानों में शव रखने की जगह नहीं है. कई शहरों में ऐसा हाल है कि अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की वेटिंग चल रही है. इन सबके बावजूद चीन ने 8 जनवरी से दूसरे देशों से आने वाले यात्रियों को क्वारंटीन करने समेत सभी तरह की पाबंदियों को खत्म करने का ऐलान किया है. इसके साथ ही चीन ने दुनियाभर के लिए फ्लाइट्स भी खोलने का फैसला किया है.
चीनी सरकार के फैसले के बाद से माना जा रहा है कि अगले महीने लूनर न्यू ईयर हॉलिडे पर चीनी लोग विदेश जा सकेंगे. यही वजह है कि ट्रैवल सर्विस कंपनी पर सर्चिंग और टिकटों की बुकिंग 8 से 10 गुना ज्यादा हो गई है. लोग सबसे ज्यादा जापान, थाईलैंड, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बारे में सर्च कर रहे हैं. ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोरोना फैल सकता है.
चीन में कोरोना से हाहाकार
चीन ने दिसंबर में जीरो कोविड पॉलिसी खत्म करने का ऐलान किया था. इसके बाद से चीन में कोरोना के बेतहाशा केस बढ़ रहे हैं. इतना ही नहीं मौतें भी इतनी हो रही हैं कि अस्पतालों के मोर्चरी हाउस और श्मशानों में शव रखने की जगह नहीं है. कई शहरों में ऐसा हाल है कि अंतिम संस्कार के लिए एक हफ्ते की वेटिंग चल रही है.