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इजरायली हमले के खतरों के बीच ईरान ने रद्द कीं रात की सभी फ्लाइट्स

ईरान के सभी एयरपोर्ट्स से फ्लाइट्स रविवार रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक (भारतीय समयानुसार रात 11 बजे से सुबह 8 बजे तक) के लिए रद्द कर दी गई हैं. यह कदम 7 अक्टूबर को हुए हमलों की पहली वर्षगांठ पर उठाया गया है. पिछले साल इसी दिन हमास ने दक्षिणी इजरायल पर रॉकेट दागे थे.

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ईरान-इजरायल संघर्ष (प्रतीकात्मक तस्वीर)
ईरान-इजरायल संघर्ष (प्रतीकात्मक तस्वीर)

इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष लगातार जारी है. पिछले साल आज ही के दिन यानी 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर हमला किया था. इसे देखते हुए इजरायली हमले के खतरे के बीच ईरान ने आज रात भी फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं और सभी एयरपोर्ट्स को बंद कर दिया है. नागरिक उड्डयन संगठन के प्रवक्ता का हवाला देते हुए ईरानी सरकारी मीडिया ने कहा कि परिचालन प्रतिबंधों की वजह से फ्लाइट्स रद्द की गई हैं.  ईरान के सभी हवाई अड्डों से फ्लाइट्स रविवार रात 9 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक .(भारतीय समयानुसार रात 11 बजे से सुबह 8 बजे तक) रद्द रहेंगी. ईरान के ऐलान के बाद, लेबनान ने भी बेरूत एयरपोर्ट्स से फ्लाइट्स रद्द कर दी हैं.

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ईरान ने मंगलवार, 1 अक्टूबर को फ्लाइट्स पर प्रतिबंध लगा दिया था, जब उसने पूर्व हिज्बुल्लाह प्रमुख हसन नसरल्लाह सहित अपने प्रॉक्सी समूहों के कमांडर्स की हत्या के प्रतिशोध में इजरायल पर मिसाइलें दागी थीं.

हमास के हमले की वर्षगांठ पर एहतियाती कदम

इजरायल ने हमलों का बदला लेने की कसम खाई और कहा कि ईरान 'इसकी कीमत चुकाएगा.' ईरान का यह एहतियाती कदम 7 अक्टूबर के हमलों की पहली वर्षगांठ पर भी आया है, जब हमास ने दक्षिणी इजराइल में अभूतपूर्व सशस्त्र घुसपैठ की थी. गाजा पट्टी के पास एक संगीत समारोह में भाग लेने वाले नागरिकों सहित करीब 1,200 लोग हमलों में मारे गए और लगभग 250 लोगों को हमास ने बंधक बना लिया.

हमास ने इस हमले को 'ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड' नाम दिया है, जिसे 1948 में इसकी स्थापना के बाद से इजरायल पर सबसे घातक हमला माना जाता है. इसमें मौतें पहले की आतंकवादी घटनाओं से कहीं ज्यादा थीं. इस हमले के बाद से ही इजरायल ने गाजा पर बड़े स्तर पर हमले शुरू कर दिए. इजरायल के हमलों में अब तक बच्चों सहित हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. हमास के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, महिलाओं और बच्चों सहित करीब 41,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.

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यह भी पढ़ें: Israel-Iran War: ईरान पर कब पलटवार करेगा इजरायल, किस तरह लेगा बदला? देखें मैदान-ए-जंग से ग्राउंड रिपोर्ट

हिंसा से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया, लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन में हौथी जैसे ईरान समर्थित लड़ाकू समूहों और इराक में कुछ प्रतिरोधी समूहों ने इजरायल के खिलाफ हमले शुरू कर दिए. बेरूत में हवाई हमले में हिज्बुल्लाह के नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इजरायल ने हिज्बुल्लाह को करारा झटका दिया. नसरल्लाह की हत्या से कुछ दिन पहले, हिज्बुल्लाह पर इजरायली खुफिया बलों द्वारा लगातार कई हमले किए गए, जिसमें उनके पेजर और वॉकी-टॉकी को निशाना बनाया गया, इसमें 550 से ज्यादा लोग मारे गए.

इस बीच, इजरायली सेना ने रविवार को कहा कि उन्होंने 7 अक्टूबर के हमले की सालगिरह से पहले, गाजा के बॉर्डर से लगे दक्षिणी समुदायों और इलाकों की रक्षा के लिए और अधिक सैनिकों को तैनात किया है.

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