अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान अगली सरकार बनाने की तैयारी कर रहा है. आने वाले हफ्ते में उम्मीद जताई जा रही है कि तालिबान अपनी सरकार का गठन कर लेगा. तमाम तरह के वादों को करने के बावजूद भी दुनियाभर के ज्यादातर देश पूरी तरह से तालिबान पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं.
इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान के भविष्य को निर्धारित करने के लिए वहां चुनाव का आह्रान किया है. साथ ही उम्मीद जताई है कि पश्चिमी देशों के सैनिकों की वापसी के बाद वहां शांति लौट आएगी.
स्टेट टीवी पर बोलते हुए ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों को अपनी सरकार निर्धारित करने के लिए जितनी जल्दी हो सके मतदान करना चाहिए. उन्होंने कहा,'वहां एक ऐसी सरकार बनाई जानी चाहिए जो वोटों और लोगों की इच्छा से चुनी जाए."
ईरान ने हमेशा की अफगानिस्तान में शांति की उम्मीद
उन्होंने आगे कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ने हमेशा से ही अफगानिस्तान में शांति की उम्मीद की है, रक्तपात और भाईचारे को समाप्त करने और लोगों की इच्छा की संप्रभुता की मांग की है. हम अफगानिस्तान लोगों द्वारा चुनी गई सरकार का समर्थन करते हैं."
गौरतलब है कि अफगानिस्तान के कुल 34 प्रांतों में से 33 प्रांतों पर इस समय तालिबान का कब्जा है, जबकि इकलौता प्रांत पंजशीर अहमद मसूद और पूर्व राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह के कब्जे में है. शुरुआती समय में बातचीत होने के बाद पिछले कुछ दिनों में पंजशीर में भीषण टकराव जारी है. तालिबान और रेजिस्टेंस फोर्स दोनों के लड़ाकों की मौत हुई है. मसूद और सालेह किसी भी कीमत पर पिछे हटने को तैयार नहीं हैं.