ईरान में सेना के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी की चौथी बरसी पर बुधवार को भारी भीड़ जमा हुई थी. इसी दौरान वहां सिलसिलेवार दो धमाके हुए, जिसमें 95 लोगों की मौत हो गई. इन धमाकों में 200 से ज्यादा लोग घायल भी बताए जा रहे हैं. हालांकि किसी देश या संगठन ने अबतक इन धमाकों की जिम्मेदारी नहीं ली है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ये धमाके 20 मिनट के अंतराल पर हुए हैं. जैसे ही पहला धमाका हुआ वहां मौजूद लोगों के बीच भगदड़ मच गई, लेकिन धमाके के बाद लोग अपने-अपने जानने वालों को खोजने लगे. उन्हें लगा कि जो घायल हुए हैं, उन्हें अस्पताल पहुंचाया जाए. इस बीच 20 मिनट के अंतराल पर फिर दूसरा धमाका हुआ, जिसने वहां शवों का ढेर कर दिया.
धमाकों में 95 लोगों की मौत: ईरानी स्वास्थ्य मंत्री
इन धमाकों के बाद बड़ी संख्या में एंबुलेंस पहुंचाईं गईं. भगदड में जो लोग घायल हुए, उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया. ईरानी स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मरने वालों संख्या 103 से कम होकर 95 हो गई है. उन्होंने बताया कि इन धमाकों में 211 लोग घायल हुए हैं.
ईरान में पूर्व जनरल सुलेमानी की कब्र के पास दो धमाके, 103 लोगों की मौत, सैकड़ों घायल
कैसे हुए सुलेमानी की कब्र पर ब्लास्ट?
करमान के डिप्टी गवर्नर ने इन विस्फोटों को आतंकी हमला करार दिया है. ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तसनीम ने सूत्रों के हवाले से बताया कि घटनास्थल पर दो बैग में बम थे, जिनमें ब्लास्ट हुआ. ऐसा लगता है कि इन बमों को रिमोट कंट्रोल की मदद से डिटोनेट किया गया.
कई रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि कब्रिस्तान की ओर जाने वाली सड़क पर कई गैस कंटेनरों में विस्फोट हुआ था, लेकिन स्थानीय अधिकारी ने ऐसी कोई पुष्टि नहीं की. अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि विस्फोट गैस सिलेंडर की वजह से हुआ या फिर नहीं. इस घटना को आतंकी हमला भी माना जा रहा है.
ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने क्या कहा?
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इन धमाकों की कठोर प्रतिक्रिया देने की कसम खाई है. सरकारी मीडिया के अनुसार, खामेनेई ने एक बयान में कहा, "क्रूर अपराधियों को पता होना चाहिए कि अब उनसे सख्ती से निपटा जाएगा और निस्संदेह कड़ी प्रतिक्रिया दी जाएगी."
दुश्मनों को सुलेमानी की कब्रगाह बर्दाश्त नहीं: राष्ट्रपति
वहीं राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने इसे जघन्य और अमानवीय अपराध बताया है. रईसी ने कहा कि दुश्मन शहीद जनरल सुलेमानी की कब्रगाह को भी बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं.
उन्होंने कहा, करमान में इस कायरतापूर्ण कृत्य के अपराधियों और नेताओं की जल्द पहचान की जाएगी और उन्हें इसका दंड भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि दुश्मन देशों को ये पता होना चाहिए कि इस तरह की कार्रवाई इस्लामी आदर्शों की रक्षा में लोगों के दृढ़ संकल्प में कभी भी व्यवधान पैदा नहीं कर सकती हैं .
रूस समेत कई देशों ने की निंदा
रूस और तुर्की समेत कई देशों ने हमलों की निंदा की और संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया.
वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह हमलों में शामिल लोगों और उनके समर्थकों की पहचान करने और उन्हें न्याय के कठघरे में लाने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय तरीकों का इस्तेमाल करेगा. इस बीच राष्ट्रपति रईसी ने अपनी तुर्की की यात्रा रद्द कर दी है.
कैसे हुई थी जनरल सुलेमानी की मौत?
ईरानी सेना के पूर्व जनरल सुलेमानी की 3 जनवरी 2020 को बगदाद हवाईअड्डे पर अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी. ईरान में सुलेमानी एक कद्दावर शख्सियत थे. उन्हें ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद देश का दूसरा सबसे ताकतवर शख्स माना जाता था.
सुलेमानी ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की फॉरेन ऑपरेशन ब्रांच कुद्स फोर्स के कमांडर थे. वह ईरान के खुफिया मिशनों से जुड़े हुए थे. वह हमास और हिज्बुल्ला के साथ-साथ कई सहयोगी सरकारों और सशस्त्र समूहों को गाइड भी करते थे. साथ ही उन्हें हथियार और अन्य जरूरी सहायता मुहैया कराते थे. 2020 में ट्रंप ने सुलेमानी की मौत को सबसे बड़ी जीत बताते हुए उन्हें दुनिया का आतंकी नंबर एक तक कहा था.