रविवार को हुए हेलिकॉप्टर क्रैश में ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी की मौत हो गई है. राष्ट्रपति के साथ हेलिकॉप्टर में ईरानी विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन समेत 9 लोग सवार थे. सोमवार को ईरान की मीडिया ने अपने राष्ट्रपति और विदेश मंत्री की मौत की पुष्टि की है. सोमवार को एक ईरानी अधिकारी ने जानकारी दी कि राष्ट्रपति रईसी जिस हेलिकॉप्टर में सवार थे, वो पूरी तरह जला मिला है.
खराब मौसम के कारण बचावकर्मियों को हादसे की जगह पर जाने में घंटों की मशक्कत करनी पड़ी. आधिकारिक तौर पर जहां हादसे का संभावित कारण बारिश और कोहरे वाले खराब मौसम को बताया जा रहा है. वहीं, सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे ईरान के दुश्मन इजरायल की 'साजिश' करार दे रहे हैं. सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि हाल में हमास और इजरायल के तनाव में ईरान खुलकर हमास का समर्थन कर रहा था और पिछले दिनों ईरान और इजरायल दोनों की ओर से एक-दूसरे से टारगेट को हवाई हमले में निशाना बनाने का दावा किया गया था.
'दो हेलिकॉप्टर सही-सलामत लौटे, रईसी का हेलिकॉप्टर ही क्यों क्रैश हुआ'
सोशल मीडिया पर ईरान के कुछ लोग रईसी की मौत के पीछे साजिश की बात कर रहे हैं. लोग लिख रहे हैं कि राष्ट्रपति के काफिले में तीन हेलिकॉप्टर थे तो ऐसा कैसे हुआ कि दो हेलिकॉप्टर सही-सलामत आ गए और राष्ट्रपति का ही हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया.
'द इकोनॉमिस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई ईरानियों का कहना है कि इस दुर्घटना के पीछे इजरायल हो सकता है. यह कॉन्सपिरेसी थ्योरी इसलिए भी सामने आ रही है क्योंकि गाजा में चल रहे इजरायली हमले के बीच कुछ समय पहले ईरान ने इजरायल पर हमला कर दिया था. इजरायल ने तब कहा था कि ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे.
इजरायल ने अप्रैल की शुरुआत में सीरिया की राजधानी दमिश्क में एयरस्ट्राइक किया था जिसमें ईरान के ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद रेजा जेहादी की मौत हुई थी. जेहादी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सीनियर कमांडर थे. अब कई ईरानी यह कह रहे हैं कि रईसी की मौत के पीछे भी इजरायल का हाथ है. हालांकि, इजरायल ने कभी ईरान के राष्ट्रप्रमुखों को निशाना नहीं बनाया है. रईसी के मामले पर इजरायल की सफाई भी आई है.
क्या कहा इजरायल ने?
इस बीच, कॉन्सपिरेसी थ्योरी को लेकर इजरायल का बयान भी आया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में एक सीनियर इजरायली अधिकारी ने साफ कहा कि इस हादसे में हमारी कोई भूमिका नहीं है.
क्या कह रहे एक्सपर्ट्स?
एक्सपर्ट्स ईरानी राष्ट्रपति की मौत के पीछे इजरायल की संलिप्तता से इनकार कर रहे हैं. उनका कहना है कि ईरान के राष्ट्रपति को मारना मतलब सीधे जंग का ऐलान करना. इजरायल हमेशा से ईरान की मिलिट्री और न्यूक्लियर से संबंधित लोगों को टारगेट करता रहा है न कि हाई-प्रोफाइल राजनीतिक शख्सियतों को.
इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट में कहा गया, 'रईसी की मौत में इजरायल की संलिप्तता को नकारने के बड़े कारण हैं. इजरायल ने कभी ईरान के राष्ट्र प्रमुख को मारने की कोशिश नहीं की, यह तो युद्ध का आगाज करने जैसा है जिसके बदले में ईरान की तरफ से भयानक प्रतिक्रिया देखने को मिलती.'
इजरायल से दोस्ती रखने वाले देश के पास क्रैश हुआ रईसी का हेलिकॉप्टर
ईरान के राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर रविवार को ईरान के प्रांत अजरबैजान की राजधानी तबरेज की तरफ जा रहा था कि तभी हादसे का शिकार हो गया. हादसा तबरेज शहर से 50 किलोमीटर दूर वर्जेकान शहर के पास हुआ.
टाइम मैगजीन ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि हेलिकॉप्टर जिस जगह क्रैश हुआ, उस जगह को लेकर भी कॉन्सपिरेसी थ्योरी सामने आ रही है. रिपोर्ट में लिखा गया, 'रईसी का हेलीकॉप्टर अजरबैजान (देश) के साथ लगती सीमा के पास पहाड़ी जंगल में क्रैश हुआ. ईरान के जितने भी पड़ोसी हैं, उनमें से अजरबैजान के साथ उसकी सबसे कम करीबी है क्योंकि अजरबैजान के इजरायल के साथ भी संबंध हैं.. अजरबैजान का मोसाद (इजरायल की खुफिया एजेंसी) के साथ सहयोग करने का भी इतिहास रहा है.'
रिपोर्ट में आगे लिखा गया कि हालांकि, हेलिकॉप्टर क्रैश के पीछे संदिग्ध रूप से मौसम वजह रहा है. ईरान ने कहा है कि दुर्घटना स्थल का पता लगाने की कोशिश कोहरे, हवाओं और भारी बारिश के कारण बाधित हुई. ईरान ने धुंध के बीच बचाव दल के भागते हुए फुटेज भी जारी किए है.
कॉन्सपिरेसी थ्योरीज को अमेरिका ने भी नकारा
अमेरिका के सीनेटर चर शूमर ने रईसी की मौत के पीछे किसी साजिश इनकार किया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को फिलहाल कोई ऐसा सबूत नहीं मिला है जिसके आधार पर इसे साजिश कहा जा सके.
एनबीसी न्यूज के मुताबिक, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शूमर ने कहा कि उत्तर-पश्चिम ईरान में जहां हादसा हुआ, वहां का मौसम बेहद खराब था जिस वजह से यह हादसा लग रहा है. हालांकि, इसकी पूरी जांच की जानी अभी बाकी है.