आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट का चीफ अबू हुसैन अल कुरैशी को मार दिया गया है. तुर्की के राष्ट्रपति रैचप तैयप एर्दोगन ने बताया कि उनकी खुफिया एजेंसियों ने सीरिया में घुसकर उसका खात्मा किया है. एर्दोगान ने टीआरटी को एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि खुफिया एजेंसियां लंबे समय से आईएसआईएस चीफ के पीछे लगी हुई थीं. सीरिया में एक ऑपरेशन में अल कुरैशी को मार गिराया.
एर्दोगन ने टीआरटी तुर्क को बताया कि इस्लामिक स्टेट के इस आतंकी को 29 अप्रैल की रात तुर्की एमआईटी खुफिया एजेंसी के ऑपरेशन में ढेर कर दिया गया. हालांकि तुर्की के इस दावे पर अबतक इस्लामिक स्टेट की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
तुर्की के राष्ट्रपति ने कहा कि हम आतंकी संगठनों पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई जारी रखने वाले हैं. तुर्की लंबे समय से सीरिया के भीतर घुसकर इस्लामिक स्टेट से लड़ता रहा है. उसका इरादा अपने देश की सीमा और सीरिया के बीच एक बफर जोन बनाने का है, जहां सीरियाई शरणार्थियों को बसाया जा सके.
तुर्की का ये ऑपरेशन कहां हुआ?
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि सीरिया में इस ऑपरेशन को जहां अंजाम दिया गया, वह जगह तुर्की की सीमा से काफी करीब है. इस बात की उम्मीद जताई जा रही है कि आतंकी को चारों ओर से घेरकर ढेर किया गया. हालांकि, अभी तक ISIS चीफ की मौत के अलावा आधिकारिक तौर पर कोई और जानकारी नहीं दी गई है.
कौन था अबू-हुसैन-अल-कुरैशी?
अबू-हुसैन-अल-कुरैशी साल 2013 में इस्लामिक स्टेट में शामिल हुआ था, जिसने अबू अल-हसन अल-हाशिमी अल-कुरैशी के मारे जाने के बाद आईएस का नेतृत्व संभाला. इस्लामिक स्टेट के मीडिया की ओर से ऑडियो मैसेज के जरिए आईएस प्रवक्ता अबू उमर अल-मुजाहिर द्वारा कुरैशी को खलीफा घोषित किया गया था.
अबू अल हुसैन को इस्लामिक स्टेट के वफादार और अनुभवी सदस्य के रूप में बताया गया था. इराकी मीडिया ने 27 फरवरी को अबू अल हुसैन की हत्या की सूचना दी, लेकिन अधिकारियों द्वारा इन रिपोर्टों की पुष्टि नहीं की गई. इराकी सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि इराक, तुर्की और अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अबू अल हुसैन अल हुसैनी की पहचान करने के लिए एक-दूसरे का सहयोग कर रही थीं.