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Gaza Mayhem: मिसाइल अटैक के बाद अब भूख-प्यास से मरेंगे लोग! UN ने गाजा को लेकर दी चेतावनी

संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम का कहना है कि गाजा पट्टी के हालात बिगड़ते जा रहे हैं. यहां दुकानों में सिर्फ चार से पांच दिनों का राशन ही बचा है. गाजा की दुकानों में राशन खत्म होता जा रहा है. गाजा पट्टी में चार से पांच आटा मीलें हैं, जिनमें से ईंधन की कमी की वजह से सिर्फ एक ही काम कर रही है.

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गाजा पट्टी में बिगड़ रहे हालात
गाजा पट्टी में बिगड़ रहे हालात

इजरायल और हमास की जंग एक बड़े मानवीय संकट में तब्दील हो रही है. इजरायल की चेतावनी के बाद उत्तरी गाजा में रहने वाले लोग अपनी जान बचाकर भाग रहे हैं. उत्तरी गाजा से 11 लाख लोग विस्थापित हुए हैं जिनमें से एक बड़ी संख्या दक्षिणी गाजा के खान यूनिस पहुंची है. लेकिन इस पलायन के बीच ही दक्षिणी गाजा की स्थिति दयनीय हो गई है.  

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संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (यूएनडब्ल्यूएफपी) का कहना है कि गाजा पट्टी के हालात बिगड़ते जा रहे हैं. यहां दुकानों में सिर्फ चार से पांच दिनों का राशन ही बचा है. गाजा की दुकानों में राशन खत्म होता जा रहा है. गाजा पट्टी में चार से पांच आटा मीलें हैं, जिनमें से ईंधन की कमी की वजह से सिर्फ एक ही काम कर रही है.

खाने और पानी की किल्लत 

इजरायली सेना जमीन, समुद्र और हवा से लगातार हमास पर बमबारी कर रही है. उत्तरी गाजा से पलायन कर रहे और दक्षिणी गाजा के खान यूनिस पहुंच रहे फिलिस्तीनियों के सामने फिलहाल सबसे बड़ा संकट पानी है. दक्षिणी गाजा में पानी की सिर्फ एक पाइपलाइन है और यह पाइपलाइन दिन में सिर्फ तीन घंटे ही खुलती है जिससे खान यूनिस की लगभग एक लाख की आबादी में से लगभग आधी आबादी को ही सीमित पानी मिल रहा है. 

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संयु्क्त राष्ट्र का कहना है कि फिलिस्तीनियों के लिए पानी सबसे बड़ी चुनौती है क्योंकि पानी के बिना गंभीर स्थिति खड़ी हो जाएगी. ऐसे में डिहाइड्रेशन और अन्य बीमारियों से हालात और बिगड़ेंगे. ब्रेड की सप्लाई ना के बराबर है. ब्रेड के लिए लोगों को लंबी लंबी कतारों में खड़े होकर इंतजार करना पड़ रहा है.

घायलों के लिए दवाइयां नहीं

विश्व खाद्य कार्यक्रम की मिडिल ईस्ट की प्रवक्ता अबीर इतेफा का कहना है कि गाजा में डब्ल्यूएपपी की 23 बेकरी हैं जिनमें से सिर्फ पांच ही ऑपरेशन में हैं. लेकिन गाजा में सप्लाई खत्म होने के कगार पर पहुंच गई है. इनमें से छह लाख लोग खान यूनिस और राफाह पहुंचे हैं जबकि लगभग चार लाख लोग संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी कैपों में हैं. 

गाजा की स्थिति इतनी भयावह है कि यहां घायलों के लिए दवाइयां तक नहीं हैं. संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि आगामी कुछ महीनों में उनके कई हेल्थ क्लीनिक दवाइयों की किल्लत की वजह से बंद होने के कगार पर हैं. 

इजरायली बमबारी में अब तक गाजा में 2800 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. जिनमें बड़ी संख्या बच्चो की है. गाजा के लगभग 11000 लोग घायल हैं. 

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कैसी शुरू हुई जंग?

इजरायल और हमास के बीच युद्ध का मंगलवार को 11वां ॉदिन है. बीते सात अक्टूबर को फिलिस्तीनी आर्म्स ग्रुप हमास ने गाजा पट्टी से रॉकेट हमलों की झड़ी लगा दी थी. ये हमले इजरायल पर किए गए थे. हमास ने हमलों की जिम्मेदारी ली और इसे इजरायल के खिलाफ सैन्य कार्रवाई बताया. हमास ने गाजा पट्टी से करीब 20 मिनट में 5,000 रॉकेट दागे थे. इतना ही नहीं, इजरायल में घुसपैठ की और कुछ सैन्य वाहनों पर कब्जा कर लिया था. इस जंग में दोनों ओर से सैंकड़ों लोगों की मौत हो गई है. 

इजरायल की तरफ से गाजा पट्टी पर लगातार बमबाजी की जा रही है. वहीं, फिलिस्तीन में हमास के लड़ाके भी शांत नहीं पड़े हैं. वो इजरायल पर अभी भी तीन मोर्चे से अटैक कर रहे हैं. लेबनान, समंदर से सटे इलाके और इजिप्ट से सटे साउथ गाजा से रॉकेट और मिसाइलें दागी जा रही हैं. गुरुवार को सेंट्रल इजरायल के वेस्ट बैंक की तरफ भी रॉकेट दागे गए हैं.

सात अक्टूबर को शुरू हुए इस युद्ध के बाद अब तक सात दिनों के भीतर गाजा में 22 हजार से ज्यादा इमारतें तबाह हो गई हैं. 10 अस्पतालों और 48 स्कूलों पर इजरायल ने बमबारी की है. गाजा में अब तक मरने वालों की संख्या 1400 से अधिक हो गई है. इनमें 447 से अधिक बच्चें शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक गाजा में तीन लाख से ज्यादा लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं.

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