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'16 साल बाद हमास ने गाजा पट्टी पर नियंत्रण खो दिया', इजरायल के रक्षा मंत्री का दावा

इजरायल और हमास के बीच चल रही जंग अब निर्णायक मोड पर पहुंचती हुई दिखाई दे रही है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि हमास ने गाजा पट्टी से 16 साल बाद नियंत्रण खो दिया है.

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हमास का गाजा से नियंत्रण खत्म- इजरायल का दावा
हमास का गाजा से नियंत्रण खत्म- इजरायल का दावा

इजरायल ने दावा किया है कि हमास ने गाजा पट्टी पर नियंत्रण खो दिया है. रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने सोमवार को देश के टीवी चैनलों पर वीडियो प्रसारित कर कहा, हमास के लड़ाके साउथ की ओर भाग रहे हैं और नागरिक हमास के ठिकानों को लूट रहे हैं. AFP की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली रक्षा मंत्री ने बिना सबूत दिए हुए कहा कि उन्हें अब सरकार पर भरोसा नहीं है.  

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Troops from the IDF's Golani Brigade pose for a photo inside Gaza's parliament building in Gaza City, after capturing the site, on November 13, 2023. (Social media; used in accordance with Clause 27a of the Copyright Law)

फोटो- सोशल मीडिया

वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को जंग में शामिल सेना के जवानों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया. पीएम नेतन्याहू ने कहा, यह कोई ऑपरेशन नहीं है, बल्कि अंत तक युद्ध है. यह दिखावा नहीं, बल्कि दिल और दिमाग से किया गया काम है. नेतन्याहू ने कहा, अगर हम इन्हें खत्म नहीं करेंगे तो ये वापस आ जाएंगे. 

बीते 7 अक्टूबर को जंग तब शुरू हुई जब हमास के लड़ाकों ने इजरायली शहरों पर हमला किया, जिसमें 1200 लोग मारे गए. इसके अलावा 240 लोगों को बंधक बना लिया था. यह दिन इजरायल के 75 साल के इतिहास का सबसे घातक दिन था. इजरायल ने इसकी जवाबी कार्रवाई में हमास के ठिकानों पर खूब बमबारी की और हमास को खत्म करने के लिए अपना अभियान शुरू कर दिया.  

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जंग में गाजा के 11,240 लोगों की मौत

गाजा मीडिया कार्यालय के अनुसार, इस संघर्ष में अब तक गाजा में 11,240 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 4,630 बच्चे भी शामिल हैं. इजरायली सैन्य अभियान के कारण गाजा की दो तिहाई आबादी बेघर हो गई है. इजरायल ने गाजा के उत्तरी आधे हिस्से को पूरी तरह से खाली करने का भी आदेश दिया और नागरिकों से अपनी सुरक्षा के लिए वहां से हटने का आग्रह किया. 

इजरायली सेना के जमीनी आक्रमण को देखते हुए हजारों लोग गाजा के सबसे बड़ा अस्पताल से भा गए क्योंकि सेना ने इसे घेर लिया था. वहीं डॉक्टरों ने कहा कि सोमवार को इसके चारों ओर गोलीबारी और धमाके हुए. अस्पताल में बिजली, पानी, भोजन और दवाओं का अभाव है, जिससे नवजात बच्चों के जीवन को गंभीर खतरा है.  

सीजफायर के लिए बेंजामिन नेतन्याहू ने रखी शर्त

इजराइल गाजा में युद्धविराम की बढ़ती मांग को लगातार खारिज करता रहा है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मांग की है कि 7 अक्टूबर के हमलों के दौरान हमास द्वारा पकड़े गए 240 से अधिक बंधकों में से सभी को वापस कर दिया जाए ताकि वह युद्धविराम पर विचार कर सकें. 

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हमास ने सीजफायर को लेकर क्या कहा?

इस बीच हमास के आर्म्स विंग ने कहा कि वह 5 दिन के युद्ध विराम के लिए 70 बंधकों को छोड़ने पर विचार कर रहा है. रॉयटर्स के मुताबिक, अल कासिम ने सोमवार को कहा, उसने कतर के मध्यस्थों को बताया कि वो 70 महिलाओं और बच्चों को रिहा करने के लिए तैयार है. इसके बदले में उसने गाजा में 5 दिन के सीजफायर की मांग की है.  

अल कासिम के प्रवक्ता अबू उबैदा ने टेलीग्राम चैनल के जरिए कहा, बीते हफ्ते कतरी भाइयों की ओर से शत्रु बंदी महिलाओं और बच्चों को छुड़ाने का प्रयास किया गया था. प्रवक्ता ने कहा, "संघर्षविराम में पूर्ण युद्धविराम शामिल होना चाहिए और गाजा पट्टी में हर जगह सहायता और मानवीय राहत की अनुमति दी जानी चाहिए." अल कासिम प्रवक्ता ने इजराइल पर सौदे की कीमत को "टालमटोल करने और टालमटोल" करने का आरोप लगाया.  

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अस्पताल पर हमले को लेकर बाइडेन ने क्या कहा?

इस बीच गाजा के अस्पतालों पर इजरायली सेना के कब्जे को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि अस्पतालों पर हमला नहीं करना चाहिए. उन्होंने कहा, गाजा शहर के अल शिफा अस्पताल को बचाया जाना चाहिए और उन्हें उम्मीद है कि वहां कम घुसपैठ वाली कार्रवाई होगी.  

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बाइडेन ने ये बयान तब दिया जब इजरायली सेना ने शहर के मुख्य अस्पताल के द्वारों पर कब्जा कर लिया जोकि उत्तरी हिस्से में इजरायल की लड़ाई में मुख्य लक्ष्य था. जहां डॉक्टरों ने कहा कि नवजात शिशु ईंधन की कमी से मर रहे हैं. अल शिफा अस्पताल के अंदर मौजूद गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अशरफ अल-किदरा ने कहा कि अस्पताल की घेराबंदी और बिजली की कमी के परिणामस्वरूप पिछले तीन दिनों में 32 मरीजों की मौत हो गई है, जिनमें तीन नवजात शिशु भी शामिल हैं.

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