भारत में लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान कल होना है. वहीं, इजराल में वोटों की गिनती आखिरी चरण में चल रही है. इजरायल में 97 प्रतिशत वोटों की गिनती पुरी चुकी है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली लिकुड पार्टी को 37 प्रतिशत वोट मिले हैं, जबकि ब्लू एंड वाइट पार्टी को 36 प्रतिशत लोगों ने वोट किया. दोनों पार्टियां दक्षिणपंथी हैं. यहां नेतन्याहू की जीत लगभग तय मानी जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें ट्वीट करके बधाई दी है. बता दें कि 9 अप्रैल को इजरायल में वोटिंग की प्रक्रिया पूरी हुई थी. इस बार यहां 96 प्रतिशत वोटिंग हुई है.
My dear friend Bibi, Congratulations! You are a great friend of India, and I look forward to continuing to work with you to take our bilateral partnership to new heights. @netanyahu
— Chowkidar Narendra Modi (@narendramodi) April 10, 2019
120 सदस्यों वाले नेसेट (इजरायली संसद) में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में नेतन्याहू के गठबंधन सरकार बनाने की संभावना काफी ज्यादा है. वे दूसरे दक्षिणपंथी दलों के साथ मिलकर ऐसा करने की मजबूत स्थिति में हैं. नेतन्याहू अगर ऐसा करने में सफल होते हैं तो वह लगातार 5वीं बार इजरायल के प्रधानमंत्री बनेंगे. बता दें कि कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते कहा जा रहा था कि अब बेंजामिन नेतन्याहू का प्रधानमंत्री बनना मुश्किल है, लेकिन जोड़तोड़ के गणित से अगर नेतन्याहू सरकार बनाने की सफल होते हैं तो ये उनकी बड़ी कामयाबी होगी.
इजरायली भाषा हिब्रू में पीएम मोदी ने किया था स्वागत
बीते साल भारत दौरे पर आए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कई अहम बैठकों में हिस्सा लिया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन के बीच हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई थी. दोनों देशों के बीच 9 बड़े समझौते हुए थे. इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, एस. जयशंकर, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थे. दोनों देशों के बीच फिल्म निर्माण, साइबर सुरक्षा, तेल और ऊर्जा, कृषि, अंतरिक्ष के क्षेत्र में समझौते हुए थे. इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा था कि इजरायल के पीएम का उनके पहले भारत दौरे पर बहुत स्वागत है. इस दौरान मोदी ने इजरायली भाषा हिब्रू में भी बेंजामिन का स्वागत किया था.
नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं
नेतन्याहू पर भ्रष्टाचार के अलग-अलग आरोप लगते रहे हैं. नेतन्याहू पर जर्मनी से खरीदे गए युद्धपोतों में गड़बड़ी को लेकर जांच शुरू हुई थी. वहीं, ऐसी भी खबरें सामने आई थीं कि एक फ्रांसीसी दलाल ने 2009 के चुनावी कैंपेन में नेतन्याहू को लाखों यूरो दिए थे ताकि वो चुनाव जीत सकें. इसके अलावा नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा पर एक सरकारी कॉन्ट्रैक्टर से निजी काम कराने का आरोप भी लगा था.