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इजरायल ने यूएई और भारत के साथ त्रिपक्षीय सहयोग का प्रस्ताव दिया

भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) जो अभी बेहद शुरुआती स्तर पर है के बारे में कोहेन ने कहा कि हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोगियों को भारत में निवेश करने और हमारे साथ आयात और निर्यात करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं.

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इजरायल और भारत के बीच रिश्ते मजबूत हुए
इजरायल और भारत के बीच रिश्ते मजबूत हुए
स्टोरी हाइलाइट्स
  • इजराइल के साथ संबंध स्थापित करने वाला यूएई पहला खाड़ी देश
  • मिस्र और जॉर्डन के बाद यूएई तीसरा अरब देश होगा
  • इजराइल- उम्मीद है कि बातचीत से भारत-चीन विवाद कम होगा

आपसी संबंधों को सामान्य करने के लिए इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात 15 सितंबर को व्हाइट हाउस के एक समारोह में ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं. इस बीच तेल अवीव ने इजरायल, यूएई और भारत के बीच एक त्रिपक्षीय सहयोग का प्रस्ताव दिया है.

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इजरायल के विदेश मंत्रालय के एशिया-पैसिफिक डिवीजन के उप-महानिदेशक गिलाद कोहेन ने मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा कि हम भारत सरकार से त्रिपक्षीय सहयोग- कृषि, प्रौद्योगिकी, पानी के बारे में बात कर रहे हैं जिसमें 3 देशों का संयोजन तीनों पक्षों के लाभदायक के लिए हो.

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहला ऐसा खाड़ी देश बनने जा रहा है जो इजराइल के साथ संबंध स्थापित कर रहा है. साथ ही मिस्र (1979) और जॉर्डन (1994) के बाद यूएई तीसरा अरब देश बन गया है जिसने इजराइल से संबंध स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. कोसोवो पहला ऐसा मुस्लिम बहुल देश है जिसने येरूशलेम में अपना दूतावास खोला. वैश्विक स्तर पर विदेश नीति में बदलाव पर इजरायल नए सिरे से आत्मविश्वास से लबरेज है.

गिलाद कोहेन ने यूएई और इजरायल के बीच पहली सीधी वाणिज्यिक उड़ान की बात की और कहा कि इजरायल का "इकोसिस्टम" कैसे शानदार है.

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भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) जो अभी बेहद शुरुआती स्तर पर है के बारे में कोहेन ने कहा कि हम एशिया प्रशांत क्षेत्र में अपने सहयोगियों को भारत में निवेश करने और हमारे साथ आयात और निर्यात करने के लिए प्रोत्साहित करने की कोशिश कर रहे हैं. कोरिया के साथ जल्द ही एफटीए, चीन और वियतनाम के साथ उन्नत चरण पर है. हमें भारत के साथ नामित व्यापार समझौते के लिए एफटीए की उम्मीद है.

चीन के साथ विवाद सुलझने के आसार

इजरायल चीन के साथ बातचीत के उन्नत चरण में है और पहले से ही भारत के साथ विशिष्ट वस्तुओं के लिए एक समझौता है.

कम टैरिफ दरों के मुद्दे पर बोलते हुए गिलाद कोहेन ने कहा कि सबसे उन्नत एफटीए कोरिया के साथ है. अगले साल 2021 में, हम चीन और वियतनाम को देख रहे हैं. भारत के साथ यह अभी एडवांस स्टेज पर नहीं है. अभी 200 ऐसे उत्पादों की पहचान की गई हैं जो भारत और इजरायल के लिए महत्वपूर्ण हैं. इजरायल के वरिष्ठ राजनयिक ने कहा, हमें भारत के साथ काम करने की जरूरत है और हमारे सभी व्यापार अच्छे हैं, लेकिन हम बेहतर कर सकते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2017 में इजराइल की यात्रा की थी, जो किसी भी भारतीय पीएम की यह पहली यात्रा थी और फिर उसी साल फरवरी में उन्होंने फिलिस्तीन की यात्रा कर दो अलग देशों के रूप में एक तरह से स्वीकार कर लिया.

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हालांकि नए करार पर कई विशेषज्ञ सवाल करते हैं कि क्या फिलिस्तीन पर इससे असर पड़ेगा और क्या इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष के बीच शांति का कोई मार्ग निकलेगा.

इस बीच, भारत और चीन के बीच हालिया सीमा तनाव पर गिलाद कोहेन ने कहा कि भारत के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध हैं, चीन के साथ भी हमारे अच्छे संबंध हैं. हम एशिया में सभी के साथ अच्छे संबंध रखने की कोशिश करते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि तनाव को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझा लिया जाएगा और तनाव कम हो जाएगा, यही हमारी इच्छा है.


 

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