इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र से दक्षिणी लेबनान से अपनी शांति सेना को वापस बुलाने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि उनकी मौजूदगी UNIFIL (लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल) और इजरायली सैनिकों दोनों के लिए खतरा पैदा कर रही है. वहीं UNIFIL ने एक बयान में कहा, 'इतने दिनों में चौथी बार हम आईडीएफ को संयुक्त राष्ट्र कर्मियों और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हर समय संयुक्त राष्ट्र परिसर का सम्मान करने के उनके दायित्वों की याद दिलाते हैं.'
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के लिए एक मैसेज में नेतन्याहू ने कहा, 'UNIFIL को वापस लेने से इनकार करने का मतलब उन्हें हिज्बुल्लाह के हाथों में छोड़ना, जो उनके जीवन और हमारे सैनिकों की जान को खतरे में डालता है.' उन्होंने जोर देकर कहा, 'यह हिज्बुल्लाह के गढ़ों और युद्ध क्षेत्रों से UN के शांति सैनिकों को हटाने का समय है.'
अब तक UN के पांच शांति सैनिक घायल
एक दिन पहले UNIFIL ने जानकारी दी थी कि दक्षिणी लेबनान में गोलियों की चपेट में आने से संयुक्त राष्ट्र का एक और शांति रक्षक घायल हो गया है, जो हाल के दिनों में घायल होने वाला संयुक्त राष्ट्र का पांचवां शांति सैनिक था. UNIFIL ने शनिवार को एक बयान में कहा कि, शांति सैनिक शुक्रवार की रात दक्षिणी शहर नाकोरा में उसके मुख्यालय के आस-पास चल रही सैन्य गतिविधि में घायल हो गया.
दक्षिणी लेबनान में जारी लड़ाई के बीच संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिक घायल हो रहे हैं. इजरायली बलों ने संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों से इलाका खाली करने की अपील की है. UNIFIL के एक प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि सीमा क्षेत्र में रहने का फैसला 'सर्वसम्मति' से लिया गया है.
दो श्रीलंकाई सैनिक हुए थे घायल
इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि उसके सैनिक उस घटना के लिए जिम्मेदार थे, जिसमें नकौरा में दो श्रीलंकाई सैनिक घायल हो गए थे. आईडीएफ ने कहा कि बेस के पास तैनात सैनिकों ने खतरे की पहचान करने के बाद गोलीबारी की और इस घटना की 'उच्चतम स्तर पर' जांच की जाएगी.
भारत समेत कई देशों ने की निंदा
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह हमले की 'कड़ी निंदा' करता है. इससे पहले गुरुवार को इजरायली टैंकों की ओर से की गई गोलाबारी में दो इंडोनेशियाई शांति सैनिक घायल हो गए थे. भारत समेत फ्रांस, इटली और स्पेन के नेताओं ने इजरायल के हमलों की निंदा की है और कहा है कि ये अनुचित हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए.