scorecardresearch
 

चीन से नजदीकियां क्यों बढ़ा रहा इटली? मेलोनी ने साइन की अहम डील, आज होगी जिनपिंग से मुलाकात

इटली की प्रधानमंत्री पांच दिन की चीन की यात्रा पर हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद ये उनका ये पहला चीन दौरा है. रविवार को इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी ने चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग से मुलाकात की थी. सोमवार को वो चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगी.

Advertisement
X
जॉर्जिया मेलोनी. (फाइल फोटो)
जॉर्जिया मेलोनी. (फाइल फोटो)

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी चीन दौरे पर हैं. मेलोनी ने रविवार को चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने चीन के साथ तीन साल के एक्शन प्लान पर दस्तखत किए. 2022 में इटली की प्रधानमंत्री बनने के बाद मेलोनी की चीन की ये पहली यात्रा है. उनका ये दौरा पांच दिन का है.

Advertisement

मेलोनी की इस यात्रा को इटली-चीन संबंधों को फिर से पटरी पर लाने से जोड़कर देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि मेलोनी चीन के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहीं हैं. मेलोनी ने बताया कि इटली और चीन के बीच जिस को-ऑपरेशन मेमोरेंडम पर साइन हुए हैं, उसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और रिन्यूएबल्स जैसे इंडस्ट्रियल सेक्टर शामिल हैं.

चीनी प्रधामंत्री ली कियांग के साथ बैठक में मेलोनी ने कहा कि हमें बहुत काम करना है और मुझे विश्वास है कि ये काम न सिर्फ वैश्विक स्तर पर बल्कि बहुतपक्षीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है. 

मेलोनी अक्सर चीनी निवेश को इटली की आर्थिक कमजोरी के रूप में देखती हैं. पिछले साल इटली, चीन के बीआरआई प्रोजेक्ट से बाहर निकल गया था. इस कारण इटली और चीन के रिश्तों में थोड़ी खटास आ गई थी. लेकिन अब मेलोनी की यात्रा से दोनों देशों के रिश्तों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिशों के तौर पर देखा रहा है.

Advertisement

बिजनेस फोरम में भी लिया हिस्सा

उन्होंने रविवार को इटली-चीन बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लिया, जिसमें टायर कंपनी पिरेली, एनर्जी ग्रुप ईएनआई, डिफेंस ग्रुप लियोनार्दो, वाइन प्रोड्यूसर्स समेत कई इटैलियन कंपनियों को भी आमंत्रित किया गया था.

मेलोनी ने कहा कि ये हमारे साझा हितों को दिखाता है. वहीं, चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने कहा कि इटली और चीन को विन-विन मेंटालिटी अपनानी चाहिए और व्यापार और निवेश सहयोग बढ़ाना चाहिए, जिससे रिश्ते और भी ज्यादा टिकाऊ हों.

क्या बीआरआई में होगी वापसी?

2019 में इटली चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में शामिल हो गया था. तब इटली G-7 का एकमात्र देश था, जो बीआरआई में शामिल हुआ था. हालांकि, पिछले साल अमेरिका के दबाव में इटली इससे बाहर आ गया था. मेलोनी की सरकार ने कहा था कि इससे इटली को कोई फायदा नहीं हुआ. 

चीन की सरकारी मीडिया ने कहा कि मेलोनी की यात्रा का मकसद बीआरआई में इटली की वापसी पर कुछ गलतफहमियों को स्पष्ट करना और आर्थिक संबंधों के महत्व को जोर देना है. 

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी शनिवार को चीन पहुंची थीं. मेलोनी सोमवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी मुलाकात करेंगी. इसके बाद वो चीन की सरकार में तीसरे नंबर माने जाने वाले झाओ लेजी के साथ भी बैठक करेंगी.

Live TV

Advertisement
Advertisement