जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएप के काफिले पर हुए आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद का हाथ होने का डोजियर मिलने के बाद पाकिस्तानी सेना का बयान आया है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि उनके देश में जैश-ए-मोहम्मद का कोई अस्तित्व नहीं है.
पाकिस्तानी सेना का यह बयान भारत की ओर से पाकिस्तान को पुलवामा हमले पर डोजियर देने के बाद आया है. इससे पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था कि जैश का मुखिया मसूद अजहर उनके ही देश में है.
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने कहा है कि पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाला जैश-ए-मोहम्मद का दावा पाकिस्तानी जमीन से नहीं किया गया था. उन्होंने आगे कहा, 'पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद है ही नहीं. इस पर पाकिस्तान और संयुक्त राष्ट्र दोनों ने प्रतिबंध लगाया हुआ है. दूसरी बात यह कि हम किसी के दबाव में आकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं.'
बता दें कि पिछले महीने ही कुरैशी ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मसूद अजहर पाकिस्तान में ही है, लेकिन उसके खिलाफ तभी कार्रवाई की जा सकती है जब भारत ठोस सबूत दे. उन्होंने कहा था कि अगर भारत के दिए सबूत कोर्ट में टिकने लायक हुए तो मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
'दोनों देशों में छिड़ सकता था युद्ध'
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने स्वीकार किया कि दोनों देश युद्ध के मुहाने पर पहुंच गए थे. उन्होंने कहा कि जब भारत ने पाकिस्तान की वायुसीमा का अतिक्रमण किया तो पाकिस्तान ने इसका जवाब दिया. इसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध की नौबत तक आ गई थी.
उन्होंने कहा, 'LoC पर कई दशकों से दोनों की सेनाएं तैनात हैं. लेकिन भारत के अतिक्रमण और पाकिस्तान के इसका जवाब देने के बाद दोनों ने सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी थी.' उन्होंने स्वीकार किया कि दोनों देशों ने अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा दी थी, क्योंकि स्वाभाविक रूप से सेना की रणनीति में ऐसा ही किया जाता है.
उन्होंने बालाकोट पर भारतीय वायुसेना की स्ट्राइक के बारे में कहा कि न तो वहां पर एक ईंट का भी नुकसान हुआ और न ही किसी की जान गई. उन्होंने भारत के जैश के आतंकी ठिकानों को तबाह करने के दावे को गलत बताया.