ब्राजील के रियो डी जनेरियो में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच मुलाकात हुई है. दोनों की ये मुलाकात G20 समिट से इतर हुई. भारत और चीन के बीच बॉर्डर डील के बाद होने के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री के बीच ये पहली मुलाकात थी.
जयशंकर और वांग यी ने न सिर्फ वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की, बल्कि भारत-चीन सीमा पर सैनिकों की वापसी को लेकर भी चर्चा की. इस बैठक के बारे में बताते हुए जयशंकर ने कहा कि एलएसी पर समझौते के अनुसार काम आगे बढ़ा है.
दोनों देशों के विदेश मंत्री की मुलाकात से पहले पिछले महीने रूस के कजान में हुई ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच भी मुलाकात हुई थी. मोदी और जिनपिंग के बीच ये मुलाकात भी बॉर्डर डील के बाद ही हुई थी. इसी बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्री की मीटिंग को लेकर भी बात हुई थी.
चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बैठक के बाद जयशंकर ने बताया कि दोनों के बीच भारत-चीन सीमा पर सैनिकों की वापसी पर चर्चा हुई.
भारत और चीन के बीच 21 अक्टूबर को ही पूर्वी लद्दाख में पेट्रोलिंग को लेकर अहम समझौता हुआ है. इस समझौते के तहत एलएसी पर जैसी स्थिति जून 2020 से पहले थे, अब फिर वैसी ही हो गई है. पूर्वी लद्दाख में कई पेट्रोलिंग पॉइंट पर भारतीय सैनिक और चीनी सैनिक थे. लेकिन अब दोनों देशों के सैनिक वापस चले गए हैं और फिर से पेट्रोलिंग शुरू हो गई है. जून 2020 में गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद से दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ था.
दोनों देशों के बीच एलएसी पर पांच जगहों पर पेट्रोलिंग पॉइंट को लेकर विवाद था. देपसांग और डेमचोक को छोड़कर बाकी सभी पेट्रोलिंग पॉइंट पर काफी पहले ही सहमति बन गई थी. लेकिन पिछले महीने हुए समझौते ने देपसांग और डेमचोक में भी पेट्रोलिंग पॉइंट का मुद्दा सुलझा दिया. समझौते के बाद दोनों देशों की सेनाएं यहां से पीछे हट गईं. साथ ही उन्होंने यहां जो भी कैंप और टेंट लगाए थे, वो भी हटा लिए. अब फिर से यहां हालात सामान्य हो गए हैं.