scorecardresearch
 

'बंगाल की खाड़ी में सबसे लंबी कोस्टल लाइन हमारी...', जयशंकर ने थाईलैंड में मोहम्मद यूनुस को दिखाया आईना

जयशंकर ने बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस को आईना दिखाते हुए कहा कि भारत बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए BIMSTEC के संबंध में अपनी जिम्मेदारी से अवगत है. बंगाल की खाड़ी में भारत की सबसे लंबी तटरेखा भी है, जो लगभग 6,500 किलोमीटर है.

Advertisement
X
एस. जयशंकर और मोहम्मद यूनुस
एस. जयशंकर और मोहम्मद यूनुस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर इस समय BIMSTEC में हिस्सा लेने के लिए थाईलैंड में हैं. इस दौरान जयशंकर ने राजधानी बैंकॉक में बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के पूर्वोत्तर को भारत से जोड़ने वाले 'चिकन नेक' वाले बयान और खुद को इस क्षेत्र के समंदर का एकमात्र गार्जियन बताने पर मुंहतोड़ जवाब दिया है.

Advertisement

जयशंकर ने बांग्लादेश के मोहम्मद यूनुस को आईना दिखाते हुए कहा कि भारत बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए BIMSTEC के संबंध में अपनी जिम्मेदारी से अवगत है. बंगाल की खाड़ी में भारत की सबसे लंबी तटरेखा भी है, जो लगभग 6,500 किलोमीटर है.

उन्होंने कहा कि हमारे पास बंगाल की खाड़ी में लगभग 6500 किलोमीटर की सबसे लंबी तटरेखा है. हमारा पूर्वोत्तर क्षेत्र सड़कों, रेलवे, जलमार्ग, ग्रिड और पाइपलाइनों के नेटवर्क के साथ बिम्सटेक के लिए कनेक्टिविटी केंद्र के रूप में उभर रहा है. इसके अलावा त्रिपक्षीय राजमार्ग का पूरा होना भारत के उत्तर पूर्व को प्रशांत महासागर तक जोड़ देगा, जो एक वास्तविक गेम-चेंजर है. हम इस बात के प्रति सचेत हैं कि इस बड़े भूगोल में वस्तुओं, सेवाओं और लोगों के सुचारू प्रवाह के लिए हमारा सहयोग और सुविधा एक आवश्यक शर्त है. इस भूरणनीतिक कारक को ध्यान में रखते हुए हमने पिछले दशक में BIMSTEC को मजबूत करने के लिए बढ़ती ऊर्जा और ध्यान समर्पित किया है.

Advertisement

मोहम्मद यूनुस ने आखिर क्या कहा था?

चीन दौरे पर गए बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने चीन की धरती पर कहा था कि इस क्षेत्र के समंदर का एक मात्र गार्जियन ढाका है. चीन को अपने देश में निवेश करने का न्योता देते हुए यूनुस ने कथित तौर पर भारत की मजबूरियां गिनाई थी और चीन को लुभाते हुए कहा था कि उसके पास बांग्लादेश में बिजनेस का बड़ा मौका है.

मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों का जिक्र करते हुए कहा था कि भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है. वे चारों ओर से भूमि से घिरे हुए देश हैं, भारत का लैंड लॉक्ड क्षेत्र हैं. उनके पास समुद्र तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है. इस पूरे क्षेत्र में जो समंदर है उसका एक मात्र गार्जियन बांग्लादेश है.

क्या है चिकन नेक?

चिकन नेक, जिसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है. यह लगभग 20-22 किलोमीटर चौड़ा और 60 किलोमीटर लंबा क्षेत्र है. ये वही रास्ता है जो भारत की मुख्य भूमि को इसके पूर्वोत्तर राज्यों (जिन्हें "सेवन सिस्टर्स" भी कहा जाता है) से जोड़ता है. 

सवाल उठता है कि इसे चिकेन नेक क्यों कहते हैं? दरअसल  इसका नाम "चिकन नेक" इसलिए पड़ा क्योंकि यह मुर्गी की गर्दन की तरह पतला है. 22 KM चौड़ा ये रास्ता मेनलैंड इंडिया को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ता है. इसकी वजह से यह भौगोलिक और सामरिक दृष्टि से संवेदनशील है. यह कॉरिडोर नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और चीन जैसे पड़ोसी देशों से घिरा हुआ है, जिसके कारण इसका महत्व और भी बढ़ जाता है. 

Live TV

Advertisement
Advertisement