
गाजा पट्टी में जारी युद्ध के बीच पाकिस्तान के जमियत उलेमा ए इस्लाम चीफ फजलुर रहमान ने कतर में हमास के टॉप लीडर्स के साथ मुलाकात की. रहमान ने कहा कि यह मुस्लिम देशों का कर्तव्य है कि वे इजरायल के अन्याय के खिलाफ एकजुट हों.
दरअसल, हमास ने इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था. इस हमले में 1400 लोगों की मौत हुई थी. इन हमलों के जवाब में इजरायल की गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर बमबारी जारी है. इतना ही नहीं इजरायली सेना ग्राउंड ऑपरेशन भी चला रही है. इन हमलों में अब तक 9700 लोगों की मौत हो चुकी है.
इजरायल के हमले का कई मुस्लिम देश विरोध कर रहे हैं. पाकिस्तान भी उनमें से एक है. पाकिस्तान में इजरायल के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन भी हो रहे हैं. इन सबके बीच मौलाना फजलुर रहमान ने कतर में हमास के पूर्व प्रमुख खालिद मेशाल और पॉलिटिकल हेड इस्माइल हनियेह से मुलाकात की. जमियत उलेमा ए इस्लाम की ओर से बताया गया कि मौलाना फजलुर शनिवार को प्रतिनिधिमंडल के साथ कतर पहुंचे थे. हमास नेताओं के साथ बैठक में फिलिस्तीन के मुद्दे पर चर्चा हुई.
इस दौरान मौलाना ने कहा, इजरायल उत्पीड़न और अन्याय के माध्यम से फिलिस्तीन में यथास्थिति को बदलने का प्रयास कर रहा है. अल-अक्सा मस्जिद की स्थिति को बदलने की कोशिश कर रहा है. मौलाना ने कहा, विकसित देशों के पैरोकारों के हाथ निर्दोष महिलाओं और बच्चों के खून से रंगे हुए हैं.
फजलुर रहमान ने कहा, फिलिस्तीनी न केवल अपनी जमीन के लिए लड़ रहे हैं बल्कि मुस्लिम उम्माह के कर्तव्य को पूरा करते हुए अल-अक्सा की आजादी के लिए भी लड़ाई लड़ रहे हैं. समय आ गया है कि मुस्लिम फिलिस्तीनी भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हो. उधर, हनियेह ने भी कहा कि यह इजरायल के अन्याय के खिलाफ एकजुट होना मुस्लिम समुदाय का कर्तव्य है.
पाकिस्तान में हमास के समर्थन में निकाली गई रैली
पाकिस्तान में लगातार इजरायल के खिलाफ और हमास के समर्थन में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. रविवार को पाकिस्तानी की राजधानी इस्लामाबाद में हजारों की संख्या में लोग हमास के समर्थन में इकट्ठा हुए. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की सरकार से अपील की है कि उन्हें गाजा में संघर्ष में हमास की ओर से शामिल होने की अनुमति दी जाए. इस मार्च का नेतृत्व पाकिस्तान की तहरीक-ए-लबैक द्वारा किया गया. इस दौरान यहां मौजूद लोगों ने नारे लगाए, "मैं आने के लिए तैयार हूं" और "हम अल-अक्सा की रक्षा के लिए तैयार हैं.'' इस दौरान जिहाद की भी अपील की गई.