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'हम चारों देश पहले से कहीं ज्यादा एकजुट', क्वाड समिट में बोले राष्ट्रपति बाइडेन

अमेरिका के विलिंग्टन में शनिवार देर रात हुई क्वाड मीटिंग में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपना संबोधन दिया. इस सम्मेलन में बाइडेन, पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज और जापानी PM फोमियो किशिदा भी शामिल हुए.

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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन.

अमेरिका के विलिंग्टन में शनिवार देर रात हुई क्वाड मीटिंग में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपना संबोधन दिया. इस सम्मेलन में बाइडेन, पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा ऑस्ट्रेलियाई PM एंथनी अल्बनीज और जापानी PM फोमियो किशिदा भी शामिल हुए. इस दौरान जो बाइडेन ने कहा, 'हम लोकतांत्रिक देश हैं जो जानते हैं कि काम कैसे करना है. यही कारण है कि मेरे राष्ट्रपति बनने के शुरुआती दिनों में ही, मैं आप सभी से मिला, आप सभी के देश गया, यह प्रस्तावित करने के लिए कि हम क्वाड को और अधिक परिणामी बना रहे हैं. 4 साल बाद, हम चार देश पहले से कहीं अधिक रणनीतिक रूप से एकजुट हैं.'

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उन्होंने कहा कि आज हम इंडो-पैसिफिक के लिए सकारात्मक प्रभाव की पहल की एक सीरीज की घोषणा कर रहे हैं जिसमें हमारे क्षेत्रीय साझेदारों को नई समुद्री टेक्नोलॉजी प्रदान करना शामिल है ताकि वे जान सकें कि उनके जल क्षेत्र में क्या हो रहा है. पहली बार तट रक्षकों के बीच सहयोग शुरू करेंगे और दक्षिण-पूर्व एशिया के छात्रों को शामिल करने के लिए क्वाड फेलोशिप का विस्तार करेंगे. इसलिए मैं यहां आने के लिए आप सभी को फिर से धन्यवाद देना चाहता हूं. चुनौतियां आएंगी, दुनिया बदल जाएगी, क्वाड यहीं रहेगा, मुझे विश्वास है.


क्वाड समिट में क्या बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मुझे अपने तीसरे कार्यकाल में इस क्वाड समिट में भाग लेकर अत्यंत खुशी हो रही है. आपके नेतृत्व (अमेरिका) में 2021 का पहला क्वाड समिट आयोजित किया गया. इतने कम समय में हमने हर दिशा में अपने सहयोग का विस्तार किया है. इसमें आपकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है. मैं दिल से धन्यवाद करता हूं आपके मजबूत समर्पण और क्वाड में योगदान के लिए आपको धन्यवाद देता हूं.'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'हमारी बैठक उस समय हो रही है जब दुनिया तनाव और संघर्षों से घिरी हुई है. ऐसे में, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर क्वाड का एक साथ काम करना मानवता के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हम किसी के खिलाफ नहीं हैं. हम सभी नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, और सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं. मुक्त, खुला, समावेशी और समृद्ध इंडो-पैसिफिक हमारी साझा प्राथमिकता और प्रतिबद्धता है. हम स्वास्थ्य, सुरक्षा, उभरती तकनीकों, जलवायु परिवर्तन और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में कई सकारात्मक और समावेशी पहलों पर काम कर चुके हैं. मैं एक बार फिर राष्ट्रपति बाइडेन और अपने सभी साथियों का स्वागत करता हूं. हम 2025 में भारत में क्वाड नेताओं की समिट आयोजित करने के लिए खुश होंगे.'

यह भी पढ़ें: भारत-US पार्टनरशिप, हिंद-प्रशांत... द्विपक्षीय वार्ता में बाइडेन और PM मोदी के बीच इन मुद्दों पर हुई चर्चा

क्या है क्वाड

दरअसल, क्वाड चार देशों का एक समूह है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, भारत, अमेरिका और जापान शामिल हैं. क्वाड चार देशों का एक अनौपचारिक मंच हैं जहां मिलकर रणनीतिक सुरक्षा संवाद होता है. क्वाड ग्रुप का मकसद समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना है. यह 2007 में शुरू हुआ था, लेकिन 2008 में ऑस्ट्रेलिया के हटने के बाद यह बंद हो गया था. 2017 में इसे फिर से शुरू किया गया था.

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भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है क्वाड? 

भारत के लिए Quad Summit महत्वपूर्ण है क्योंकि यह चीन के बढ़ते आर्थिक और सैन्य प्रभाव के प्रति एक सामूहिक प्रतिक्रिया है. यह संवाद भारत को अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देने में मदद करता है. इसके अलावा, Quad Summit भारत को अपनी आर्थिक और सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे वह चीन के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके.
 

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