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इजरायली हमले का खतरा... इस मुस्लिम मुल्क ने अमेरिका से पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करने की मांग की

इजरायली हमले का खतरा देखते हुए जॉर्डन ने अमेरिका से पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तैनात करने की मांग की है. जॉर्डन आर्मी के प्रवक्ता ने कहा कि मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और संघर्ष के समय अपनी सीमा की रक्षा को मजबूत करने के लिए वाशिंगटन को कहा है.  

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इजरायली हमले का खतरा देखते हुए जॉर्डन ने अमेरिका से पैट्रियट मिसाइल तैनात करने की मांग की (फोटो- रॉयटर्स)
इजरायली हमले का खतरा देखते हुए जॉर्डन ने अमेरिका से पैट्रियट मिसाइल तैनात करने की मांग की (फोटो- रॉयटर्स)

इजरायल और हमास के बीच जंग जारी है. इस बीच लेबनान और सीरिया की ओर से भी इजरायली सैन्य ठिकानों पर हमला हुआ, जिसका जवाब आईडीएफ ने भी दिया. इस जंग के बाद से ही मिडिल-ईस्ट में उथल-पुथल मची हुई है. इस बीच इजरायली खतरे को देखते हुए जॉर्डन ने अमेरिका से एक गुहार लगाई है.  

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इजरायली हमले के खतरे को देखते हुए जॉर्डन ने अमेरिका से अपने यहां पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम तैनात करने की मांग की है. जॉर्डन आर्मी के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और संघर्ष के समय अपनी सीमा की रक्षा को मजबूत करने के लिए वाशिंगटन को कहा है.  

द येरूशलम पोस्ट के मुताबिक, जॉर्डन आर्मी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मुस्तफा हियारी ने राज्य टेलीविजन को बताया, "हमने अमेरिका से पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम से हमारी रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करने के लिए कहा है." 

अमेरिकी पैट्रियट मिसाइलों को 2013 में उत्तरी सीमा पर सीरिया में विद्रोह के बाद राज्य में तैनात किया गया था, जहां उसे डर था कि गृहयुद्ध फैल सकता है और क्षेत्रीय संघर्ष भड़क सकता है.  

अधिकारियों ने कहा कि 7 अक्टूबर को हमास द्वारा इजरायल पर किए गए घातक हमले के बाद से जॉर्डन इस बात से घबरा गया है कि गाजा पर इजरायल की जवाबी कार्रवाई एक व्यापक आग में फैल सकती है.  

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अमेरिका की सबसे एडवांस्ड एयर मिसाइल डिफेंस सिस्टम पैट्रियट को माना जाता है. आमतौर पर इसकी आपूर्ति बहुत कम है, दुनियाभर के लिए सहयोगी इसके लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं.  

जॉर्डन ने कई रिपोर्ट्स का किया खंडन

जॉर्डन आर्मी ने उन रिपोर्ट्स का खंडन किया है कि पेंटागन गाजा में युद्ध में अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपने डिपो से कुछ उपकरण और हथियारों को इजरायल तक पहुंचाने के लिए उसके ठिकानों का उपयोग कर रहा था.  

पश्चिमी राजनयिकों ने कहा कि पेंटागन ने हाल के महीनों में जॉर्डन के सैन्य प्रतिष्ठानों का इस्तेमाल किया है. हालांकि, वाशिंगटन ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य स्थिति मजबूत की है. अमेरिका ने हाल के सप्ताहों में मिडिल-ईस्ट में दो एयरक्राफ्ट कैरियर भेजे हैं. उनके सहायक जहाजों समेत बड़ी संख्या में नौसैनिक शक्ति भी भेजी है.  

अमेरिका ने ईरान को दी थी चेतावनी

यूएस के रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन समेत बाइडेन प्रशासन के सीनियर अधिकारियों ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों पर हमलों में तेजी आने पर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि ईरान, इजरायल और हमास युद्ध को बढ़ाने की कोशिश कर सकता है.  जॉर्डन की सेना अमेरिका से बड़ी मात्रा में सैन्य मदद प्राप्त करती है. इसके बदले में करोड़ों डॉलर खर्च किए जाते हैं.  

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2011 में अमेरिका ने किए करोड़ों डॉलर खर्च

इसके अलावा जॉर्डन ने सीरिया के साथ सीमा पर अरबों डॉलर के ड्रग युद्ध में इस्तेमाल किए गए ड्रोन से निपटने के लिए अधिक मदद मांगी है. जिसका आरोप अम्मान ने दक्षिणी सीरिया में प्रभाव रखने वाले ईरानी समर्थक मिलिशिया पर लगाया है. साल 2011 में सीरियाई संघर्ष शुरू होने के बाद वाशिंगटन ने सीरिया और इराक से आतंकवादियों की घुसपैठ को रोकने के लिए सीमा सुरक्षा के लिए जॉर्डन की मदद करने के लिए करोड़ों डॉलर खर्च किए हैं. 
 

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