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सांसद ने फेसबुक पर लगाई मंडेला के साथ अपनी फर्जी फोटो, जमकर हुई फजीहत

पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के देहांत के बाद उनकी श्रद्धांजलि सभा में एक के बाद एक विवाद सामने आ रहे हैं. लेकिन ताजा मामला सोशल साइट फेसबुक है. केन्या में एक सांसद ने फेसबुक पर मंडेला के साथ अपनी फर्जी तस्वीर साझा कर दी, जिसके बाद उनकी खूब फजीहत हुई.

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पूर्व दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला के देहांत के बाद उनकी श्रद्धांजलि सभा में एक के बाद एक विवाद सामने आ रहे हैं. लेकिन ताजा मामला सोशल साइट फेसबुक है. केन्या में एक सांसद ने फेसबुक पर मंडेला के साथ अपनी फर्जी तस्वीर साझा कर दी, जिसके बाद उनकी खूब फजीहत हुई.

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अंग्रेजी समाचार वेबसाइट 'द टेलीग्राफ' में छपी खबर के मुताबिक, माइक सॉन्को के फेसबुक पेज पर यह तस्वीर पिछले शुक्रवार को पोस्ट की गई थी. बाद में पाया गया कि इसे फोटोशॉप से बनाया गया है.

मुहम्मद अली के साथ है असली तस्वीर
असल तस्वीर में मंडेला दिग्गज बॉक्स मुहम्मद अली के साथ थे, लेकिन इस पर अली की जगह माइक का चेहरा लगा दिया गया. फोटोशॉप की गई तस्वीर में माइक काले रंग के सनग्लासेस पहने हुए हैं और कैमरे की ओर देख रहे हैं और मंडेला ने उन्हें गले लगा रखा है.

जब इस तस्वीर को फेसबुक पर लगाया गया तो इसके साथ 10 लोगों को टैग किया गया. फोटो को 5000 से ज्यादा लाइक और करीब 700 शेयर भी मिले.

टैलेंटेड नेता निकले माइक!
लेकिन तस्वीर देखने वाले कुछ पारखी लोगों ने माइक की चालाकी पकड़ ली. उनमें से कुछ ने लिखा कि जब यह तस्वीर ली गई होगी, तब तो मिस्टर सॉन्को बहुत कम उम्र के रहे होंगे. कुछ लोगों ने माइक सॉन्को पर व्यंग्य भी कस दिए. एक शख्स ने लिखा, 'हमारे पास सच्चे नेता हैं. यह निश्चित रूप से एक टैलेंट है.'

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कई लोग इस तस्वीर से खासे नाराज भी हो गए. एक ने लिखा, 'ऐसे मौके पर अपनी खुशी के लिए मिस्टर मंडेला की तस्वीरें साझा करना अच्छी बात नहीं है.'

माइक सॉन्को पहले भी विवादों में रहे हैं. 2010 में वह नैरोबी से सांसद चुने गए थे लेकिन अपने ईयर रिंग्स और सनग्लासेस न उतारने की जिद के चलते उन्हें संसद से बाहर कर दिया गया था. वह इसी साल नैरोबी से सीनेटर निर्वाचित हुए हैं.

मंडेला चले गए, विवाद बाकी हैं
इससे पहले खबर आई थी कि मंडेला की श्रद्धांजलि सभा में एक महिला से जरूरत से ज्यादा हंसी-मजाक करने की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से उनकी पत्नी नाराज हो गई थीं. ऐसी तस्वीरें भी सामने आई थीं जिसमें मिशेल अपने चेहरे के हाव-भाव से काफी नाराज नजर आ रही थीं.

एक और विवाद तब हुआ, जब सामने आया कि शोकसभा में जो शख्स तमाम प्रतिनिधियों के भाषण का मूक-बधिर लोगों के लिए संकेत भाषा में अनुवाद कर रहा था, वह फर्जी था. मूक-बधिरों की भाषा साइन लेंग्वेज के जानकारों का मानना है कि थामसांका जैंत्जी नाम के इस शख्स के द्वारा किए जा रहे इशारों का कोई मतलब नहीं निकल रहा था.

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