लद्दाख में LAC पर भारत-चीन के बीच तनाव बना हुआ है. लंबे वक्त से सीमा पर चल रहे विवाद को निपटाने के लिए शनिवार को चुशुल में ब्रिगेड-कमांडर स्तर की वार्ता हुई. यह वार्ता बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक चली, हालांकि बैठक अनिर्णायक रही. दोनों पक्षों द्वारा अगले कुछ दिनों में कोर कमांडर-स्तरीय वार्ता के छठे दौर का आयोजन करने की उम्मीद है.
दो कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह (14 कोर) और South Xinjiang Military District के मेजर जनरल Liu Lin अगस्त से नहीं मिले हैं. दोनों देशों की सेनाएं LAC के पास कई बिंदुओं पर आमने-सामने हैं.
ब्रिगेड कमांडरों स्तर की बैठक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा लद्दाख संकट पर एक उच्च स्तरीय बैठक के एक दिन बाद आयोजित की गई. रक्षा मंत्री को पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बढ़ते तनाव के बीच भारत और चीन के बीच पांच सूत्री समझौते पर विचार-विमर्श करने के लिए भारत के शीर्ष सैन्य की ओर से शामिल किया गया था.
इस विचार-विमर्श में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवने, एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया और नेवी चीफ आदित्यपाल सिंह शामिल थे.
बता दें कि चीन लगातार भारत की कमजोरी को टटोलने की कोशिश करता है और कहीं कमजोरी नजर आई तो चीन आगे बढ़कर जमीन हथियाने की साजिश रचता है. इस बार चीन अपनी ही चालों में फंसा है. चीन के कब्जा करने के पहले ही भारत ने पैंगोंग के दक्षिण में अहम रणनीतिक चोटियों पर कब्ज़ा कर लिया है, इसी से चीन बौखलाया हुआ है.