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लिज ट्रस पर PM पद छोड़ने का दबाव, ब्रिटिश प्रधानमंत्री की रेस में ऋषि सुनक समेत ये 4 नाम

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने भले ही अपनी विवादित आर्थिक नीतियों को लेकर देश से माफी मांग ली हो लेकिन उनकी कंजर्वेटिव पार्टी के ही ज्यादातर सदस्य अब यह चाहते हैं कि लिज ट्रस इस्तीफा दे दें. अब पीएम पद के लिए बोरिस जॉनसन के अलावा भारतवंशी ऋषि सुनक, जेरेमी हंट और पेनी मोर्डेंट भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.

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पीएम पद की रेस में ऋषि सुनक, बोरिस जॉनसन, जेरेमी हंट और पेनी मोर्डेंट के नाम (फाइल फोटो)
पीएम पद की रेस में ऋषि सुनक, बोरिस जॉनसन, जेरेमी हंट और पेनी मोर्डेंट के नाम (फाइल फोटो)

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज ट्रस ने भले ही अपने विवादित मिनी बजट को लेकर देश से माफी मांग ली हो लेकिन उनकी कंजर्वेटिव  पार्टी के ही ज्यादातर सदस्य अब यह चाहते हैं कि लिज ट्रस इस्तीफा दे दें. कंजर्वेटिव पार्टी के 530 सदस्यों के YouGov सर्वेक्षण में पाया गया है कि 55% सदस्य का मानना है कि लिज ट्रस को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए. वहीं अब पीएम पद के लिए बोरिस जॉनसन के अलावा भारतवंशी ऋषि सुनक, जेरेमी हंट और पेनी मोर्डेंट भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं.

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प्रधानमंत्री लिज ट्रस का अपनी ही कंजरवेटिव पार्टी में विरोध हो रहा है. ऐसे में ट्रस के प्रतिद्वंदी ऋषि सुनक की 10 डाउनिंग स्ट्रीट के लिए वापसी की अटकलें तेज हो गई हैं. यूके में सट्टेबाजों ने सत्ता के उलटफेर की स्थिति में सुनक के नाम को सबसे आगे दिखाया है.

ऋषि सुनक: टैक्स कटौतियों पर किया था आगाह

पार्टी नेताओं का कहना है कि ऋषि सुनक ने पहले ही अपने प्रतिद्वंद्वी (लिज ट्रस) की टैक्स कटौती नीतियों को लेकर आगाह किया था. हालांकि, सरकार के टैक्स कटौती के फैसले के बाद सुनक चुप्पी साधे रहे. 

सुनक के एक दोस्त ने 'द संडे टाइम्स' के हवाले से कहा कि उनकी चुप्पी के मायने हैं. ये अप्रोच का एक हिस्सा है. ये बताता है कि टैक्स कटौती से रोके जाने का आगाह ऐसे ही नहीं किया गया था. सुनक हालात को भांप रहे थे. अब फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं कि यूके में फिर से ऋषि सुनक (42 साल) सरकार में वापसी होने वाली है. 

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बोरिस जॉनसन: लिज ट्रस से ज्यादा लोकप्रियता

अब उम्मीद जताई जा रही है कि वह वापसी की कोशिश करेंगे. YouGov पोल ने सामने आया कि 58 वर्षीय ट्रस की तुलना में बोरिस जॉनसन की कहीं ज्यादर लोकप्रियता है. फिर भी करीब दो-तिहाई लोगों की उनके लिए अच्छी प्रतिक्रिया नहीं दी.जॉनसन ने इस्तीफा के बाद से खुद को लो प्रोफाइल कर रखा है. पिछले हफ्ते अमेरिका में उन्होंने भाषण दिया था, लेकिन ब्रिटेन के मौजूदा संकट पर उन्होंने अपने कुछ नहीं कहा था.

जेरेमी हंट: पिछले दो चुनाव में प्रबल दावेदार थे

ट्रस के नए वित्त मंत्री जेरेमी हंट पीएम पद के लिए हुए पिछले दो चुनावों में प्रबल उम्मीदवार थे. 2019 में भी वह पीएम पद के लिए मैदान में थे लेकिन अंतिम रन-ऑफ में जॉनसन से हार गए थे. इस साल भी सांसदों द्वारा चुनाव की प्रक्रिया में अंतिम स्थान पर थे. सरकार में दूसरे सबसे शक्तिशाली पद पर नियुक्ति ने पूर्व विदेश सचिव को फिर से राजनीतिक के केंद्र में लौटा दिया है. YouGov पोल के मुताबिक कुछ कंजर्वेटिव सांसदों ने हंट का समर्थन किया है.

पेनी मोर्डेंट: ट्रस को दी थी मजबूत टक्कर

पेनी मोर्डेंट मौजूदा कैबिनेट की सदस्य हैं. ऐसा माना जा रहा था कि वह बोरिस जॉनसन की जगह लेंगी. ऋषि सुनक के खिलाफ रन-ऑफ में ट्रस को टक्कर दी थी. पूर्व रक्षा और व्यापार मंत्री जमीनी स्तर पर काफी लोकप्रिय हैं. 2016 के इन्होंने ब्रेग्जिट का पुरजोर समर्थन किया था. हालांकि कंजर्वेटिव सदस्यों के हालिया नेतृत्व की दौड़ में उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा. कुछ ने उन पर पिछली भूमिकाओं में अप्रभावी होने का आरोप लगाया. हालांकि ट्रस के पद छोड़ने की अटकलें तेज होने के बाद से इनके नाम की फिर चर्चा होने लगी है.

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ट्रस का मिनी-बजट गले की फांस बना

लिज ट्रस सरकार ने हाल ही में संसद में मिनी-बजट पेश किया था. इस बजट में उन्होंने टैक्स बढ़ोतरी और महंगाई पर रोक लगाने वाले कदम उठाए थे. लेकिन जल्द ही इन फैसलों को सरकार ने वापस ले लिया. लिज ट्रस ने जब प्रधानमंत्री का पद संभाला था, तब कमरतोड़ महंगाई का सामना कर रही ब्रिटेन की जनता को उनसे बहुत उम्मीदें थीं. इसकी एक प्रमुख वजह यह भी थी कि ट्रस ने अपने चुनावी अभियान में जनता से लोक-लुभावन वादे किए थे. उन्हें सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने वाला एक प्रमुख चुनावी वादा टैक्स में कटौती करना था. 

लिज ट्रस ने सत्ता में आने के बाद टैक्स में कटौती की लेकिन वह दो अक्टूबर को अपने चुनावी वादे से मुकर गई. उन्होंने कॉरपोरेट टैक्स में कटौती के फैसले को फैसला वापस ले लिया. उनके इस फैसले से पार्टी के अंदर ही बगावत के सुर सुनाई दे रहे हैं. 

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