मध्य अफ्रीकी देश चाड की सेना ने जानकारी दी है कि बोको हराम विद्रोहियों ने पिछले दिनों एक सैन्य चौकी पर हमले में चाड सेना के 17 सैनिकों की हत्या कर दी. देश के पश्चिम में हुए इस हमले में 96 हमलावर भी मारे गए. सेना के प्रवक्ता जनरल इसाख अचेख ने रविवार रात कहा कि लेक चाड क्षेत्र में यह हमला शनिवार को हुआ था. उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी.
क्षेत्र में लौट रहा हिंसा का दौर
लेक चाड क्षेत्र इस साल बोको हराम और 'पश्चिमी अफ्रीका में इस्लामिक स्टेट' सहित विद्रोहियों के लगातार हमलों से जूझ रहा है. चरमपंथी समूहों के ठिकानों को नष्ट करने के लिए चाड की सेना द्वारा 2020 में शुरू किए गए एक सफल ऑपरेशन की वजह से आई शांति के बाद क्षेत्र में हिंसा की आशंका फिर से पैदा हो गई है.
पिछले महीने, एक सैन्य अड्डे पर हमले के दौरान 40 सैनिक मारे गए थे, जिसके बाद राष्ट्रपति महामत डेबी इटनो को लेक चाड से बोको हराम के आतंकवादियों को खदेड़ने के लिए एक ऑपरेशन शुरू करना पड़ा था. मार्च में, सरकार ने एक हमले के लिए बोको हराम को जिम्मेदार ठहराया था जिसमें सात सैनिक मारे गए थे.
एक दशक से जारी बोको हराम का आतंक
पिछले दशक भर से भी ज्यादा वक्त से नाइजीरिया में बोको हराम आतंक मचा रहा है. कई बार इसे आतंकी संगठन ISIS से भी खतरनाक कहा जाता है, खासकर इसकी विचारधारा के चलते, जो स्कूलों को बंद करने और चरमपंथी तरीके से जीने पर जोर देती है. यह नाइजीरिया के उत्तर-पूर्व में इस्लामी कानून स्थापित करना चाहता है.
सत्ता हासिल करना है मकसद
साल 2002 में बना ये संगठन एक चरमपंथी समूह है जिसका आधिकारिक नाम जमाते एहली सुन्ना लिदावति वल जिहाद है. वैसे नाइजीरिया की भाषा होसा में बोको हराम का मोटा-मोटी अर्थ है- वेस्टर्न सीख हराम है. वैसे बोको का असल मतलब है नकली, लेकिन इसे वेस्ट से जोड़ा गया. नाइजीरिया से किसी भी तरह की चुनी हुई सरकार हटाकर ये लोग अपनी सत्ता लाना चाहते हैं. चाड लगभग 1 करोड़ 80 लाख लोगों का देश है जो विवादास्पद राष्ट्रपति चुनाव से पहले और बाद में राजनीतिक उथल-पुथल से जूझ रहा है.