रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने बयान दिया था कि आतंकवादियों के माध्यम से ही आतंकवादियों का सफाया किया जा सकता है. उनके इस बयान पर पाकिस्तान ने शनिवार को गंभीर चिंता प्रकट की. पाकिस्तान ने कहा कि उनके इस बयान से भारत के आतंकवाद में शामिल होने की आशंका की पुष्टि होती है.
विदेश मामलों पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा, 'यह बयान केवल यह जाहिर करता है कि पाकिस्तान में हो रही आतंकवादी गतिविधियों में भारत शामिल है. यह पाकिस्तान की आशंकाओं की पुष्टि करता है.'
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय द्वारा जारी बयान में अजीज के हवाले से कहा गया, ‘पहली बार ऐसा होगा कि किसी निर्वाचित सरकार का कोई मंत्री किसी दूसरे देश या उसके सरकार से इतर तत्वों से पनपने वाले आतंकवाद को रोकने के नाम पर उस देश में आतंकवाद के इस्तेमाल की खुलकर वकालत करता हो.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान गंभीरता से भारत के साथ अच्छे पड़ोसी के रिश्ते रखने की नीति का पालन करता है.
अजीज ने कहा, 'आतंकवाद हमारा साझा शत्रु है और इस समस्या से निपटने के लिए मिलकर काम करना दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण होगा. आतंकवाद से पाकिस्तान ने दूसरे किसी देश से बहुत ज्यादा परेशानी झेली है.' गौरतलब है कि पर्रिकर ने गुरुवार को आतंकवादियों के जरिये ही आतंकवादियों को समाप्त करने पर जोर देते हुए कहा था कि भारत किसी विदेशी धरती से रचे गये 26-11 के तरह के हमलों को रोकने के लिए सक्रियता से कदम उठाएगा.
पर्रिकर ने कहा था, 'कई चीजें हैं, जिन पर मैं यहां वाकई बात नहीं कर सकता. लेकिन पाकिस्तान ही क्यों, कोई दूसरा देश भी मेरे देश के खिलाफ कुछ साजिश रच रहा है तो हम निश्चित रूप से कुछ सक्रिय कदम उठाएंगे.' उन्होंने हिंदी मुहावरा 'कांटे से कांटा निकालना' का भी इस्तेमाल किया और पूछा कि आतंकवादियों को समाप्त करने के लिए भारतीय सैनिकों का इस्तेमाल क्यों किया जाए?
इनपुट: भाषा