हमास-इजरायल के बीच चल रही जंग में दोनों छोर से हमले किए जा रहे हैं. हमास ने 7 अक्टूबर को 20 मिनट में इजरायल पर 5 हजार से ज्यादा रॉकेट दागे. इसके जवाब में इजरायली सेना गाजा पर कहर बनकर टूट पड़ी है. इसी बीच इजरायली डिफेंस फोर्सेस के टैंक से गलती से फायर हो गया, और वह केरेम शालोम क्षेत्र में बॉर्डर से सटे मिस्र की एक चौकी पर जा गिरा. इस घटना की जांच की जा रही है. इसके साथ ही घटना को लेकर आईडीएफ दुख व्यक्त किया है. इससे पहले फिलिस्तीन के अल अहली अस्पताल पर भी एक हमला हुआ था, जिसमें 500 लोग मारे गए थे. लेकिन ये अटैक इजरायल ने नहीं, बल्कि हमास के ही रॉकेट मिसफायर होकर अस्पताल पर गिर गए थे. मतलब साफ है कि इस जंग में जब दोनों तरफ से हमले किए जा रहे हैं, तब टैंकों का टारगेट साफ होने के बाद भी अगर मिसफायर हो जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है.
वहीं, जंग में बेगुनाहों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इजरायल के हमलों में गाजा में 4,651 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 14,245 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. वहीं वेस्ट बैंक में अब तक 90 लोगों की मौत हो गई है. जबकि 1400 लोग घायल हो गए हैं.
युद्ध की शुरुआत के साथ ही हमास ने इजरायल के साथ-साथ वहां रहने वाले दूसरे देशों के लोगों को भी बंधक बना लिया था. हमास का कहना था कि बंधकों को तब ही छोड़ा जाएगा जब इजरायल उसपर हमले रोकेगा. लेकिन हाल ही में अमेरिका के दो नागरिकों को रिहा कर दिया. बताया गया कि इस रिहाई में कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई. वहीं रूस ने भी मांग उठाई थी कि बंधकों की रिहाई तत्काल प्रभाव से होनी चाहिए. रूस इस युद्ध में इजरायल के खिलाफ खड़ा दिख रहा है. पुतिन ने साफ कहा है कि गाजा में इजरायल क्रूरता कर रहा है.
वहीं, इज़राइल ने कहा कि उसके विमान ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया और उसका एक सैनिक एंटी-टैंक मिसाइल की चपेट में आ गया, सीमा पार लड़ाई में ईरान समर्थित समूह ने कहा कि उसके छह लड़ाके मारे गए. इजरायली सेना ने कहा कि उसने लेबनानी सीमा के साथ कम से कम चार अलग-अलग क्षेत्रों में हिजबुल्ला के साथ गोलीबारी की.
इस लड़ाई ने दोनों पक्षों के निवासियों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है. इज़राइल की सेना का कहना है कि 7 अक्टूबर से अब तक सात सैनिक मारे गए हैं. हिज़्बुल्लाह का कहना है कि उसके 19 लड़ाके मारे गए हैं, जिनमें शनिवार के छह सैनिक भी शामिल हैं.