एक महिला ने सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक की मदद से अपने बलात्कारी को ढूंढ निकाला.
जी हां, इंग्लैंड की विल्टशायर काउंटी के स्विंडन शहर में रहने वाली मेलिंडा थॉमस नाम की महिला जब 13 साल की थी तब उनका रेप किया गया और उन्होंने इस राज को अपने सीने में छिपाकर रखा. और अब जब उन्होंने तीन दशक बाद पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई तो उनसे कहा गया कि आरोपी के खिलाफ उनके पास सबूत नहीं हैं.
42 वर्षीय मेलिंडा ने हिम्मत नहीं हारी और उन्हें मामले को अपने हाथ में लेने का फैसला किया. नतीजतन उन्हें बड़ी कामयाबी मिली. उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट डालते हुए लिखा, 'उन महिलाओं से अपील से कर रही हूं जिनके साथ स्विंडन इलाके में एक अश्वेत शख्स ने बलात्कार किया हो. मैं रेप के एक मामले में मदद की दरकार है.'
दो अजनबी महिलाओं ने मेलिंडा का पोस्ट देखने के बाद उनसे संपर्क किया और कहा कि उनका भी रेप किया गया था. उन्होंने आपस में जानकारी साझा की और पता चला कि उन सभी का रेप एक ही शख्स ने किया है. उनके बयानों से पुलिस को सबूत मिल गए और अब 53 साल के ओरविले वॉघन को गिरफ्तार किया जाना बाकी था.
मेलिंडा के मुताबिक, 'मुझे न्याय दिलाने में फेसबुक ने मेरी मदद की है और अपने बलात्कारी को पकड़वाकर मैंने अपने जिंदगी का सबसे बहादुरी वाला काम किया है.'
मेलिंडा बचपन से ही पढ़ने-लिखने में काफी अच्छी थीं. नवंबर 1984 में उनके घरवालों ने उन्हें अपने पहले ब्वॉयफ्रेंड साइमन के साथ स्केटिंग के लिए जाने की इजाजत दी थी. जब वह साइमन से मिलने जा रही थीं तब वॉघन ने उनका पीछा किया. तब वह अपने 20वें बरस में था.
मेलिंडा याद करते हुए कहती हैं, 'वह मुझे काफी डरावना लगा, लेकिन जब उसने कहा कि मुझे उससे बात करनी चाहिए तो मैं मान गई. मैं तब से लेकर आज तक खुद को इस बात के लिए कोस रही हूं, लेकिन मुझे यही बताया गया था कि बड़े जो कहते हैं वह करना चाहिए.'
इसके बाद वॉघन उन्हें पार्किंग की ओर ले गया, जहां उसने बलात्कार किया. मेलिंडा के मुताबिक, 'मैंने चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन आवाज बाहर नहीं गई. मैंने उसे धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह 6 फुट का था. मैं फिर चिल्लाने की कोशिश करने लगी, लेकिन उसने मुझे घूंसा मार दिया. मैं रो रही थी, कुछ नहीं कर सकती थी और मुझे दर्द भी हो रहा था. मैं चाहती थी कोई आकर मुझे बचा ले. लेकिन मैं यह भी चाहती थी कि कोई मुझे देख ना ले. मैं अपमानित महसूस कर रही थी.'
इसके बाद मेलिंडा रोती हुईं सायमन के पास पहुंची. उन्होंने कहा, 'वह मुझसे कह रहा था कि मुझे इसे बारे में अपने घरवालों को बता देना चाहिए, लेकिन मुझे लगा कि वे मेरा विश्वास नहीं करेंगे. मैं डॉक्टर के पास भी नहीं गई.'
मेलिंडा इस वारदात से काफी सहम गईं. कई बार वो स्कूल भी नहीं जाती थीं. इस बीच सायमन के साथ उनका रिश्ता भी बदल गया.
उन्होंने कहा, 'मुझे डर था कि वह अब मुझे दूसरी तरह से देखेगा.' पहले तो वे दोनों सिर्फ हाथ पकड़ते थे, लेकिन रेप के दो महीनों बाद वे हमबिस्तर हो गए.
मेलिंडा कहती हैं, 'मैं रेप को सेक्स के साथ नहीं जोड़ना चाहती थी और मुझे लगता था कि मुझे इससे उबरने में मदद मिलेगी. सायमन अच्छा था, मैं उससे प्यार करती थी, मैं उसे महसूस करना चाहती थी. मैं उसी की तो थी.'
साल 1986 में दिसंबर के महीने में 15 साल की मेलिंडा प्रेग्नेंट हो गईं. उन्हें लगा कि बच्चा होने के बाद वो इस सदमे से बाहर निकल पाएंगी. उन्होंने कहा, 'मेरे परिवार वाले काफी निराश थे, लेकिन उन्होंने मुझे सायमन की तरह सहयोग दिया.'
आखिरकार 1987 में मेलिंडा ने अपनी मां को सब कुछ बता दिया. उनके पिता पुलिस के पास जाना चाहते थे, लेकिन मेलिंडा ने मना कर दिया.
मेलिंडा ने 1987 में एक और बेटे को जन्म दिया. इसके बाद 1989 तक सायमन के साथ उनका रिश्ता चला. उन्होंने कहा, 'मेरे और सायमन के बीच में रेप की वारदात हमेशा एक बाधा रही. मैं हमेशा पीड़ा में रहती थी, मैं ज्यादा अच्छी नहीं थी.'
जब उनका दूसरा बेटा चार महीने का हुआ तो सायमन उन्हें छोड़कर चला गया. इसके बाद तो जैसे मेलिंडा टूट ही गई. फिर उनकी मुलाकात ग्रेग से हुई, जिन्हें उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई. बाद में दोनों ने शादी कर ली.
अप्रैल 2010 में मेलिंडा एक लोकल सुपर मार्केट में काम करने लगीं. कुछ महीनों बाद उन्होंने वहां वॉघन को देखा. वो उसे देखकर इतना घबरा गईं कि स्टाफ रूम में जाकर रोने लगीं. तब उन्हें एहसास हुआ कि अब वो और चुप नहीं रह सकती. इसके बाद उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत की. लेकिन कुछ हफ्तों बाद उन्हें बताया गया कि उनके पास वॉघन के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं.
मेलिंडा ने हार नहीं मानी और उन्होंने अप्रैल 2011 में फेसबुक पर एक रिक्वेस्ट डाली. उनके दोस्तों ने इसे अपनी वॉल पर शेयर किया. दो दिन बाद सारा और ऐमी नाम की दो महिलाओं ने उनसे संपर्क किया और बताया कि उनका भी रेप हुआ था.
इसके बाद मेलिंडा ने लोकल चीफ कॉन्स्टेबल को एक पत्र लिखा. चार हफ्ते बाद वॉघन को गिरफ्तार कर लिया गया. वो कहती हैं, 'जैसे ही पुलिस ने मुझे बताया कि वो गिरफ्तार हो गया है, मेरी आंखों से आंसू छलक आए. आखिरकार इतने सालों बाद यह मुमकिन हो पाया था.'