गाजा में हमास के साथ चल रहे सीजफायर के बीच इजरायली सेना ने लेबनान में उसके ऑपरेशन हेड मुहम्मद शाहीन को मार गिराया. सोमवार की सुबह सीडोन इलाके में आईडीएफ हमले में उसकी मौत हो गई. शाहीन हमास का एक शीर्ष कमांडर था, जो कि इजरायली नागरिकों के खिलाफ विभिन्न आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार था. वो ईरान के इशारे पर साजिश को अंजाम दिया करता था.
इजरायली सेना के एक अधिकारी ने बताया कि लेबनान में मंगलवार को वापसी की समय सीमा के बाद भी पांच जगहों पर उसके जवान डटे रहेंगे. इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच हुए 14 महीने के सीजफायर की शर्तों के तहत दक्षिणी लेबनान से आईडीएफ को वापस आना है. इसस पहले सोमवार को ड्रोन हमले में हमास के एक प्रमुख कमांडर को मारकर इजरायल ने बड़ा संदेश दिया है.
उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपना गाज़ा प्लान दोहराया है, जिसका इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी समर्थन किया. उन्होंने कहा कि गाजा के लोगों को वहां से निकलने का विकल्प देना चाहिए. रविवार को यरूशलम में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात के बाद नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप का प्लान सही है. गाज़ावासियों को विकल्प दिया जाना चाहिए.
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बंधकों की रिहाई का ज़िक्र करते हुए इज़रायल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि हमास और इज़रायल के बीच बंधकों की रिहाई पर बात चल रही है. ऐसे में इज़रायल जो चाहे करे. अमेरिका पूरी तरह से इज़रायल के साथ है. इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर अपने गाज़ा प्लान को तब दोहराया. इजरायली प्रधानमंत्री ने उनके प्लान का समर्थन किया.
इसस पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने गाजा पर कब्ज़े को लेकर अरब देशों को चेतावनी दी थी. एक इंटरव्यू में उन्होंने खास तौर पर जॉर्डन और मिस्र को धमकी देते हुए कहा है कि वो उन्हें हर साल अरबों डॉलर की मदद करते हैं. लिहाजा यदि उनकी बात नहीं मानी गई तो वो ये मदद बंद कर देंगे. उन्होंने कहा कि उनके गाज़ा प्लान के मुताबिक फिलिस्तीनियों को गाज़ा में लौटने का कोई अधिकार नहीं है.
उन्होंने सुझाव दिया कि गाज़ावासियों को सिर्फ अस्थायी रुप से जॉर्डन और मिस्र में बसाया जाएगा. वहीं दो दशकों तक ह्यूमन राइट्स वॉच का नेतृत्व करने वाले केनेथ रोथ ने ट्रंप के बयान की कड़े शब्दों में निंदा की थी. उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा था कि ये जातीय सफाया होगा. यही नहीं केनेश ने ट्रंप के प्रस्ताव को चौथे जेनेवा कन्वेंशन का खुला उलंघन भी बताया.
बताते दें कि वाशिंगटन में नेतन्याहू से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 4 फरवरी को ये चौंकाने वाला ऐलान किया था. उन्होंने गाज़ा के 22 लाख फिलिस्तीनियों को फिर से बसाने और समुद्र तटीय क्षेत्र को अमेरिका के नियंत्रण में लाने का प्रस्ताव रखा था. हालांकि ट्रंप के इस प्रस्ताव को ना सिर्फ हमास ने बल्कि जॉर्डन, मिस्र और सऊदी समेत कई अरब देशों ने खारिज कर दिया था.