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म्यांमार में भूकंप के दो झटके, 4.7 तीव्रता का सबसे तेज कंपन, दहशत में लोग

म्यांमार में मंगलवार को दो भूकंप आए, पहला भूकंप की तीव्रता 4.7 और दूसरा भूकंप की तीव्रता 4.5 मापी गई. जानमाल की तत्काल कोई हानि नहीं हुई, लेकिन लोगों में डर का माहौल है. स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और इमरजेंसी तैयारियों पर जोर दे रहा है. लोगों को सतर्क रहने और सरकारी निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी गई है.

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म्यांमार में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए
म्यांमार में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए

म्यांमार में एक बार फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. मंगलवार को दो भूकंप आए, जिनमें से सबसे शक्तिशाली भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, पहला भूकंप मंगलवार दोपहर को आया, जिसके बाद शाम को 4.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप आया.

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एनसीएस के मुताबिक, पहले भूकंप की तीव्रता 4.7 मापी गई, जो भारतीय समयानुसार शाम को 4 बजकर 31 मिनट पर आया. भूकंप की तीव्रता 4.7 रही. शाम को आए दूसरे भूकंप की तीव्रता 4.5 थी, जो भारतीय समयानुसार रात 8 बजकर 57 मिनट पर दर्ज की गई.

हालांकि इन भूकंपों से जानमाल के नुकसान की कोई तत्काल रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन भूकंप वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर और चिंता का माहौल बना हुआ है. म्यांमार दक्षिण-पूर्व एशियाई क्षेत्र के भूकंप संभिवत क्षेत्र में स्थित है, जहां अक्सर छोटे-मोटे झटके महसूस किए जाते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे भूकंप सतह के नीचे की प्लेटों की गति के कारण होते हैं.

यह भी पढ़ें: Myanmar earthquake: एक ओर भूकंप की मार, ऊपर से एयरस्ट्राइक का प्रहार... कैसे म्यांमार में अधर में हैं जिंदगियां?

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स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और भूकंप के लिए तैयारियों और आपातकालीन उपायों पर जोर दिया जा रहा है. भारत समेत दुनिया के अन्य देशों से भी आपदा दल म्यांमार पहुंचे हैं. वह स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर लोगों को राहत पहुंचा रहे हैं.

ऑपरेशन ब्रहा से भारत कर रहा है म्यांमार की मदद

भारत ने 28 मार्च 2025 को म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए ऑपरेशन ब्रह्मा की शुरुआत की. इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य सर्च और रेस्क्यू (SAR), मानवीय सहायता, आपदा राहत और चिकित्सा सहायता प्रदान करना है. अब तक, ऑपरेशन के तहत छह विमानों और पांच भारतीय नौसैनिक जहाजों ने 625 मेट्रिक टन मानवीय सहायता और आपदा राहत सामग्री पहुंचाई है. यह सहायता सामग्री भूकंप प्रभावित स्थानों पर राहत कार्यों को तेज करने के उद्देश्य से भेजी गई है. 

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