अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने एलान कर दिया है कि वह नई कांग्रेस में अपने पद पर नहीं रहेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि अध्यक्ष पद की दावेदारी से पीछे हटने से नई पीढ़ी के नेताओं को मौका मिलेगा. करीब दो दशक तक डेमोक्रेटिक पार्टी का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने यह पद छोड़ने का फैसला किया है. 82 वर्षीय पेलोसी ने डेमोक्रेटिक राष्ट्रपतियों बराक ओबामा और जो बिडेन की नीति एजेंडा को आगे बढ़ाने और कई बार रिपब्लिकन जॉर्ज डब्ल्यू बुश और डोनाल्ड ट्रम्प को रोकने में एक प्रमुख भूमिका निभाई.
वह ट्रम्प के राष्ट्रपति काल के दौरान एक प्रमुख प्रतिद्वंद्वी थीं. उन्होंने अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा उद्योग के 2010 के ओबामाकेयर को रिफॉर्म करने में मदद की, 2020 में कोविड संकट को संभालने के लिए बड़े पैमाने पर खर्च करने वाले बिल जैसे कानून बनाए और बाइडेन प्रशासन के पहले दो वर्षों में कई कानूनों को पारित करने में मदद की. ट्रंप के चुनाव हारने के बाद पिछले साल 6 जनवरी को उनके समर्थकों ने यूएस कैपिटल पर हमला बोल दिया था लेकिन नैंसी पेलोसी ने इस हालात पर भी आसानी से काबू पा लिया था.
ट्रंप के खिलाफ लाए दो महाभियोगों की अध्यक्षता की
पेलोसी ने 2019 और 2021 में डेमोक्रेटिक के नेतृत्व वाले सदन द्वारा ट्रम्प के दोनों महाभियोगों की अध्यक्षता की थी. ट्रंप पर पहला आरोप था कि उन्होंने गलत तरीके से यूक्रेन की सैन्य सहायता रोक दी थी और उन पर दूसरा आरोप था कि कैपिटल पर 6 जनवरी को हमले के लिए उकसाया. ट्रंप के दोनों महाभियोग के लिए डेमोक्रेट्स ने वोट किया था. हालांकि सीनेट में रिपब्लिकन के समर्थन से ट्रंप को दोनों आरोपों से बरी कर दिया था.
बहुमत खोने पर दोनों बार गंवानी पड़ी स्पीकरशिप
जनवरी 2021 में कमला हैरिस के उपराष्ट्रपति बनने तक अमेरिकी इतिहास में सर्वोच्च रैंकिंग वाली और सबसे शक्तिशाली निर्वाचित महिला पेलोसी ने सदन के नेता के रूप में दो कार्यकाल पूरे किए. पहले वह 2007 से 2011 तक स्पीकर रही थीं. इसके बाद 2019 में वह सदन की नेता बनी थीं. हालांकि दोनों ही बार डेमोक्रेट्स के बहुमत खोने के बाद नैंसी पेलोसी की स्पीकरशिप चली गई थी.
विरोधी होने पर बुश के साथ कई बिल पास किए
नैंसी जब पहली बार स्पीकर बनी थीं, तब उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को पूरी तरह से विफल बताया था. इराक युद्ध और सामाजिक सुरक्षा सेवानिवृत्ति कार्यक्रम के निजीकरण के उनके प्रयासों का उन्होंने पुरजोर विरोध किया था. इन सब के बाद भी राजकोषीय प्रोत्साहन बिल और अन्य कानून पारित करने के लिए उन्होंने बुश के साथ काम भी किया था.
हेल्थकेयर रिफॉर्म प्लान के लिए लड़ाई लड़ी
इसके बाद 2009 में ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद पेलोसी ने अपने सिग्नेचर अफोर्डेबल केयर एक्ट हेल्थकेयर रिफॉर्म प्लान के लिए सफल विधायी लड़ाई का नेतृत्व किया. इसे ओबामाकेयर के नाम से जाना जाता है. कांग्रेस ने डोड-फ्रैंक बैंकिंग सुधार बिल और $840 बिलियन का आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज भी पारित किया.
जलवायु परिवर्तन, कोविड को लेकर अहम बिल लाईं
2020 के चुनावों में डेमोक्रेट्स हाउस का बहुमत कम हो गया, लेकिन पेलोसी ने बाइडेन के अधिकांश विधायी एजेंडे को पारित करने के लिए पार्टी का नेतृत्व किया. इनमें 430 बिलियन डॉलर का जलवायु परिवर्तन और दवा मूल्य निर्धारण बिल, 1 ट्रिलियन डॉलर इंफ्रास्ट्रक्चर बिल और 1.9 ट्रिलियन डॉलर COVID-19 राहत बिल शामिल हैं.
जब उनके ताइवान दौरे से खफा हो गया था चीन
पेलोसी ने विदेश नीति में भी अपनी छाप छोड़ी है. उन्होंने दुनिया भर में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व किया. अगस्त में 25 वर्षों में पहली बार ताइवान का दौरा करने वाली सर्वोच्च रैंकिंग वाली अमेरिकी अधिकारी बनीं. चीन ने उनके इस दौरे का विरोध किया था. जनवरी 2021 ने सदन में पेलोसी के 18वें कार्यकाल की शुरुआत की. स्पीकर बनने से पहले पेलोसी 2003 में कांग्रेस पार्टी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला बनी थीं.
60 साल पहले ईस्ट कोस्ट शुरू किया राजनीतिक करियर
पेलोसी ने 60 साल पहले ईस्ट कोस्ट में पहली बार राजनीति के गुर सीखे थे. उनके पिता एक बड़े शहर बाल्टीमोर के मेयर और कांग्रेसी थे. उनके बड़े भाई थॉमस डी'एलेसेंड्रो III ने बाल्टीमोर के मेयर रहे थे. उनका जन्म 26 मार्च 1940 को मैरीलैंड शहर में हुआ था. वह छह बच्चों के परिवार में इकलौती बेटी थी. 1962 में वॉशिंगटन के ट्रिनिटी कॉलेज से उन्होंने ग्रैजुएशन किया. यहां वह एक रोमन कैथोलिक पॉल पेलोसी से मिली. उन्होंने शादी की और फिर कैलिफोर्निया चली गईं.