अब से कुछ घंटे बाद डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे. अमेरिकी समय के मुताबिक, दोपहर 12 बजे डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे. कड़ाके की ठंड की वजह से 40 साल बाद डोनाल्ड ट्रंप का शपथ ग्रहण कैपिटल हिल के रोटुंडा हॉल के अंदर होगा. ट्रंप से पहले 1985 में रोनाल्ड रीगन का भी शपथ ग्रहण समारोह इंडोर हुआ था. वॉशिंगटन डीसी में सर्दी को ध्यान में रखते हुए ट्रंप ने अपने समर्थकों से सड़कों पर जश्न न मनाने और घरों पर रहने की अपील की है.
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शपथ ग्रहण से पहले साफ कर दिया है वह राष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करते ही 100 महत्वपूर्ण फाइलों पर साइन करेंगे. हालांकि, उन्होंने पहले ही साफ कर दिया है कि वह बॉर्डर को मजबूत करेंगे. जैसा की उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में किया था.
कुछ देर में शुरू होंगी समारोह की औपचारिकताएं
ट्रंप के शपथ ग्रहण समारोह से पहले की औपचारिकताएं अब से कुछ देर में शुरू हो जाएगी. दिन की शुरुआत वाशिंगटन डीसी के व्हाइट हाउस के पास स्थित सेंट जॉन एपिस्कोपल चर्च में प्रार्थना सभा से होगी. फिर नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप, निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रथम महिला जिल बाइडेन के साथ व्हाइट हाउस में चाय पीने जाएंगे. यहां से दोनों दंपति ट्रंप के शपथ ग्रहण के लिए एक ही काफिले में अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग के लिए रवाना होंगे. वहां संगीत के कुछ कार्यक्रम होंगे. इसके बाद पहले जेडी वांस को उप-राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई जाएगी और फिर चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स डोनाल्ड ट्रंप को शपथ दिलाएंगे.
बाइडेन और कमला हैरिस को दी जाएगी विदाई
शपथ ग्रहण के बाद डोनाल्ड ट्रंप का संबोधन होगा, पिछली बार ये संबोधन 17 मिनट का था. शपथ ग्रहण के बाद निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस को सम्मान पूर्वक विदाई दी जाएगी. राष्ट्रपति ट्रंप प्रमुख दस्तावेजों, नामांकनों और कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करेंगे. फिर ट्रंप और जेडी वांस कैपिटल वन एरिना में आयोजित परेड में सैनिकों की सलामी लेंगे. इसके बाद ट्रंप और जेडी वांस लंच करेंगे, जिसमें शपथ ग्रहण के लिए आए विशेष मेहमान और प्रमुख अमेरिकी अधिकारी शामिल होंगे.
अमेरिका के फिर से बनाएंगे महान: ट्रंप
ट्रंप ने संसद के अंदर शपथ ग्रहण समारोह के बारे में जानकारी देते हुए कहा, 'अमेरिका में नॉर्थ पोल के पास बर्फीला तूफान चल रहा है. वो नहीं चाहते कि लोग किसी भी तरह से परेशान हों. इसलिए उन्होंने उद्घाटन भाषण भी कैपिटल रोटुंडा में दिए जाने का आदेश दिया है. हर कोई सुरक्षित रहेगा, हर कोई खुश रहेगा और सब मिलकर अमेरिका को फिर से महान बनाएंगे.'
ग्रैटर अमेरिका का निर्माण करना चाहते हैं ट्रंप?
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में इच्छा जताई थी की कनाडा, ग्रीनलैंड, पनामा कैनाल ये सभी देश अमेरिका का हिस्सा बन जाएं या फिर खुद अपने देशों का अमेरिका में विलय करवा लें. ट्रंप ये भी चाहते हैं कि मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदल कर अमेरिका की खाड़ी कर दिया जाए. इसके पीछे का ट्रंप का मकसद ग्रैटर अमेरिका को तैयार करना है, जिससे अमेरिका का क्षेत्रफल बहुत ज्यादा हो जाएगा. साथ ही ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में ग्रीनलैंड को खरीदने की इच्छा जताई थी. ट्रंप का मनना है कि रूस और चीनी की जहाजों की निगरानी के लिए ये द्वीप अमेरिका के लिए बहुत जरूरी है. 1860 के दशक में पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति एंड्र्यू जॉनसन ने पहली बार ग्रीनलैंड को लेने की इच्छा जताई थी, लेकिन अमेरिका की नीति कामयाब नहीं हुई थी.