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नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह कोरोना पॉजिटिव, कुंभ में किया था शाही स्नान

नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह और उनकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ज्ञानेंद्र शाह 11 अप्रैल को कुंभ दर्शन के लिए हरिद्वार में पहुंचे थे. सबसे पहले सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर उन्होंने पूजा-अर्चना की. उन्होंने महाकुंभ मेले में शिरकत की थी. इसके अलावा वे तीन दिनों तक हरिद्वार में रहे और शाही स्नान भी किया था.

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कुंभ से लौटने के बाद नेपाल नरेश कोरोना पॉजिटिव (फाइल फोटो)
कुंभ से लौटने के बाद नेपाल नरेश कोरोना पॉजिटिव (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह कोरोना पॉजिटिव
  • पूर्व नरेश की पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव
  • हरिद्वार के कुंभ में किया था शाही स्नान

नेपाल के पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र शाह और उनकी पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ज्ञानेंद्र शाह 11 अप्रैल को कुंभ दर्शन के लिए हरिद्वार में पहुंचे थे. सबसे पहले सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर पहुंचकर उन्होंने पूजा-अर्चना की. उन्होंने महाकुंभ मेले में शिरकत की थी. इसके अलावा वे तीन दिनों तक हरिद्वार में रहे और शाही स्नान भी किया था. 

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कोरोना संकट के बीच आयोजित कुंभ में संक्रमण के मामले आने के बाद राज्यों के कान खड़े हो गए हैं. गुजरात और ओडिशा के साथ ही दिल्ली ने भी कुंभ से लौटने वाले लोगों के लिए 14 दिन का क्वारंटीन अनिवार्य कर दिया है.

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने आदेश जारी किया है कि हरिद्वार कुंभ से लौटने वाले दिल्ली निवासियों को 14 दिन अनिवार्य होम क्वारंटीन का पालन करना होगा. हरिद्वार से दिल्ली लौटने वाले लोगों से संक्रमण के खतरे के बीच राज्य सरकार ने यह आदेश जारी किया है.

दिल्ली सरकार के आदेश में कहा गया है कि जो भी दिल्ली निवासी 4 अप्रैल से लेकर अभी तक हरिद्वार कुंभ गए हैं वो अपनी सारी जानकारी जैसे नाम, दिल्ली का पता, फोन नंबर आईडी प्रूफ दिल्ली से जाने की तारीख और वापस दिल्ली में आने की तारीख आदि यह आदेश जारी होने के 24 घंटे के भीतर www.delhi.gov.in पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें.

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कुंभ मेले से भीड़ छंटी

कोविड-19 के मामलों मे वृद्धि के चलते हरिद्वार में महाकुंभ से प्रमुख अखाड़ों के संतों ने वापस जाना शुरू कर दिया है, जिसके बाद भीड़ में अचानक भारी कमी आई है. सोमवार को कई स्थानों पर भीड़ नहीं दिखी. आधिकारिक रूप से 30 अप्रैल को समाप्त होने वाले हरिद्वार कुंभ मेले के दौरान यह अकल्पनीय नजारा है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इससे पहले साधुओं से कुंभ के शेष हिस्से को सांकेतिक रखने की अपील की थी. स्नान घाटों पर अब भीड़ दिखाई नहीं दे रही है, जहां 14 अप्रैल को भौतिक दूरी जैसे कोविड-19 नियमों की अनदेखी कर साधु और आम लोग शाही स्नान के दौरान गंगा में डुबकी लगाने के लिए उमड़ पड़े थे.

 

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